politics
MP में सब इंस्पेक्टर, सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती:कर्मचारी चयन मंडल ने बुलाए आवेदन; जिला पुलिस बल में सबसे ज्यादा पद
मध्य प्रदेश में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल ने विज्ञापन जारी कर दिया है। नियम पुस्तिका में पदवार रिक्तियों, आरक्षण, वेतनमान, पात्रता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई है। इसमें 7 पदों पर कुल 507 रिक्तियां तय की गई हैं। कर्मचारी चयन मंडल के मुताबिक- आवेदन भरने की प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू होगी और आवेदन भरने की अंतिम तिथि 23 सितंबर होगी 15 दिन में आवेदन करने के बाद ऑनलाइन आवेदन में संशोधन 28 सितंबर तक किए जा सकेंगे सूबेदार उप निरीक्षक संवर्ग की भर्ती चयन परीक्षा दो पाली में होगी यह परीक्षा 28 अक्टूबर से शुरू होगी। अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ₹500 रुपए देने होंगे। जबकि ओबीसी, एससी-एसटी और ईडब्ल्यूएस, मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए 250 रुपए परीक्षा शुल्क तय किया है। कियोस्क के माध्यम से 60 रुपए लगेंगे। जबकि अलग से आवेदन करने पर ₹20 एमपी ऑनलाइन पोर्टल शुल्क चार्ज लगेगा। कर्मचारी चयन मंडल ने विभागीय उम्मीदवारों के लिए विभागीय परीक्षा शुल्क भी तय किया है। हर अनारक्षित उम्मीदवार को ₹200 तथा एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों से ₹100 परीक्षा शुरू लिया जाएगा। यह पुलिस विभाग को ट्रांसफर होगा। सूबेदार और सब इंस्पेक्टर दोनों ही कैडर के लिए वेतनमान 36200 से 114800 तय किया है। जिला पुलिस बल में सबसे ज्यादा पद सबसे ज्यादा 312 पद उप निरीक्षक (जिला पुलिस बल) के लिए हैं। इसके बाद 81 पद सूबेदार और 69 पद उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) के हैं। शेष पद आर्म्स, फोटो, फिंगरप्रिंट और संबंधित तकनीकी शाखाओं के लिए निर्धारित हैं। नियम पुस्तिका में स्पष्ट किया गया है कि उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) पद के लिए केवल पुरुष उम्मीदवार ही आवेदन कर सकेंगे। वहीं अन्य पदों में महिला अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण का प्रावधान भी दिया गया है। वेतनमान लेवल-9 सूबेदार और उप निरीक्षक स्तर के पदों के लिए वेतनमान Level-9, ₹36,200 से ₹1,14,800 दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त शासन के नियमानुसार अन्य भत्ते एवं सुविधाएं देय होंगी। आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान नियम पुस्तिका के अनुसार अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय अपनी शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण श्रेणी, आयु, मूल निवास और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पात्रता सुनिश्चित करनी होगी। दस्तावेज सत्यापन के दौरान निर्धारित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। शासकीय सेवा में कार्यरत अभ्यर्थियों के लिए विभाग से संबंधित अनुमति/प्रमाण-पत्र के प्रावधान भी दिए गए हैं। भर्ती के किसी भी चरण में पात्रता में कमी या गलत जानकारी सामने आने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है। यह खबर भी पढ़ें.. निरंजन बने साइबर सेल के एडीजी, सूबेदार, टीआई के प्रमोशन मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने आईजी साइबर सेल को प्रमोट कर एडीजी बनाया है। इसके बाद आईजी साइबर सेल निरंजन बी वायंगणकर अब एडीजी साइबर सेल होंगे। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय की रिव्यू डीपीसी में कार्यवाहक रक्षित निरीक्षक बनाए गए 169 सूबेदार में से सिर्फ 30 ही रक्षित निरीक्षक के पद पर प्रमोट हो सके हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
Read full article on Bhaskar