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MP Ministers: मंत्रियों के प्रभार वाले जिले बदलने को मंजूरी ! कैलाश विजयवर्गीय से राजेंद्र शुक्ल तक के नाम चर्चा में
MP Ministers: मध्यप्रदेश के मंत्रियों (MP Ministers) के प्रभार वाले जिलों में बदलाव को केंद्रीय संगठन की हरी झंडी मिल गई है। इनमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) , प्रद्युम्न सिंह तोमर (Pradyuman Singh Tomar), संपतिया उइके (Sampatiya Uikey), प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल (Rajendra Shukla) समेत कई मंत्री शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय संगठन को 3 प्रस्ताव भेजे थे। इसमें मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों के विभागों में बदलाव और प्रभार के जिले बदलने की बात शामिल थी। इनमें से अभी केवल (MP Ministers) प्रभार के जिलों वाले मामले को मंजूरी मिली है। सूत्रों की मानें तो दिसंबर के पहले पखवाड़े तक प्रभार के जिले बदले जा सकते हैं। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में फेरबदल किया जाएगा। मंत्रियों के जिलों का प्रभार बदलने हॉमवर्क पूरा सूत्र बताते हैं, जिन मंत्रियों के प्रभार जिलों की दूरी उनके गृह जिले से बहुत अधिक है, उन्हें पहले दौर में बदला जाएगा। यह भी बताया गया कि मंत्रियों ने खुद इस मुद्दे को पार्टी संगठन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शेयर किया था। लम्बी दूरी की परेशानी भी बताई थी। बताते हैं, पार्टी स्तर पर इसका पूरा होमवर्क हो चुका है। मुख्यमंत्री के पास मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की साल भर की रिपोर्ट भी पहुंच चुकी है। मंत्रियों की अपनी परेशानी यहां बता दें कि लम्बे समय पार्टी में उच्च स्तर पर यह शिकायतें पहुंच रही थीं कि कई मंत्री प्रभार के जिलों में निरंतर नहीं जा रहे। जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों ने भी नाराजगी जताई है। हालांकि, मंत्रियों की अपनी परेशानी है। वे व्यस्तताओं के चलते अपने प्रभार वाले जिलों में नहीं पहुंच पाते हैं। शुरुआत में पार्टी संगठन और सरकार ने हर मंत्री को प्रभार वाले जिलों के बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर भोजन करने निर्देश दिए थे। जिससे कार्यकर्ताओं को हौसला बना रहे और साथ में विकास कार्यों के लिए उनसे फीडबैक मिलता रहे। अब तब देखना में आया है कि कई मंत्री दूर वाले जिलों में बहुत कम ही पहुंच पाए हैं। मंत्रियों के प्रभार के जिले से गृह जिले की दूरी कैलाश विजयवर्गीय : नगरीय विकास एवं आवास मंत्री इंदौर के रहने वाले हैं। उनके पास धार और सतना का प्रभार है। जो इंदौर से सतना 650 किमी दूर है। संपतिया उइके : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मंडला की रहने वाली हैं। ये आलीराजपुर व सिंगरौली जिले की प्रभारी हैं। मंडला से आलीराजपुर 761 किमी दूर है। करण सिंह वर्मा: राजस्व मंत्री सीहोर के निवासी हैं। ये मुरैना और सिवनी जिले के प्रभारी हैं। सीहोर से मुरैना 452 किमी और सिवनी 416 किमी दूर हैं। नागर सिंह चौहान : अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री आलीराजपुर के रहने वाले हैं। इनके पास उमरिया और आगर मामवा जिलों को प्रभार है। आलीराजपुर से उमरिया 887 किमी दूर है। प्रद्युम्न सिंह तोमर : ऊर्जा मंत्री का गृह जिला ग्वालियर है। इनके पास पांडुर्ना और शिवपुरी जिले का प्रभार है। ग्वालियर से पांढुर्ना 675 किमी दूर है। प्रहलाद पटेल: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरसिंहपुर के रहने वाले हैं। उनके पास भिंड और रीवा जिलों का प्रभार है। नरसिंहपुर से भिंड 527 किलोमीटर और रीवा 280 किलोमीटर दूर है। राजेंद्र शुक्ला: डिप्टी सीएम रीवा जिले के निवासी हैं। उनके पास सागर और शहडोल का प्रभार है। रीवा से सागर की दूरी 335 किमी है। जगदीश देवड़ा: डिप्टी सीएम का गृह जिला मंदसौर है और उनके पास देवास और जबलपुर जिले का प्रभार है। मंदसौर से जबलपुर की दूरी 650 किमी है।
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