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MP News: दबे पांव अंदर घुसा और उड़ा ले गया 4 लाख के ‘सोने-चांदी के गहनों से भरा बैग’ पुलिस ने ऐसे सुलझाई अनोखी गुत्थी!
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिला अस्पताल में एक ऐसा अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी को भी अपनी कानों पर यकीन नहीं होगा. अक्सर हम वफादार कुत्तों को अपने मालिकों की जान बचाते हुए देखते हैं, लेकिन अगर कोई कुत्ता ही ‘चोर’ बन जाए तो क्या कहेंगे? दरअसल, अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती अपने बेटे की देखभाल कर रही लताबाई वाल्मीकि नाम की महिला का सोने-चांदी के गहनों और नकदी से भरा बैग रातों-रात गायब हो गया. जब महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो चोर का ऐसा चेहरा सामने आया जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. चोर कोई इंसान नहीं, बल्कि एक आवारा कुत्ता था जो मुंह में बैग दबाकर चुपचाप रफूचक्कर हो गया था. गनीमत यह रही कि मंदसौर की सिटी कोतवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सीसीटीवी के जरिए कुत्ते के रास्ते का पीछा किया और आखिरकार 4 लाख रुपये के गहनों से भरा वह बैग सुरक्षित बरामद कर लिया. इस अनोखी घटना ने जहां एक तरफ महिला को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और लावारिस पशुओं के प्रबंधन पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या है पूरा मामला और कैसे गायब हुआ बैग? यह अजीबोगरीब घटना मंदसौर जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड की है. नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के कायापुर गांव की रहने वाली लताबाई वाल्मीकि अपने हाथ में चोट लगने के बाद भर्ती बेटे का इलाज कराने अस्पताल आई थीं. घर की सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण वह अपने साथ सोने और चांदी के कीमती गहने (जैसे मंगलसूत्र, अंगूठियां, चांदी की करधनी, पाजेब, झुमके और नथ आदि) और लगभग 2,000 रुपये नकद से भरा एक हैंडबैग साथ लेकर आई थीं, जिसे उन्होंने मरीज के बिस्तर के पास ही रखा था. रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1 से 6 बजे के बीच वह बैग अचानक गायब हो गया. सुबह जब लताबाई को बैग नहीं मिला, तो उनके परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर अज्ञात चोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया असली चोर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और हेड कांस्टेबल अजय सोलंकी को इस केस की जांच सौंपी गई. पुलिस ने जब अस्पताल के अलग-अलग वार्डों, गलियारों और गेट्स के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, तो उनके सामने एक ऐसा चौंकाने वाला सच आया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. फुटेज में साफ दिखा कि रात के सन्नाटे में एक आवारा कुत्ता चुपचाप सर्जिकल वार्ड के अंदर घुसा, उसने बिस्तर के पास रखा वह हैंडबैग अपने जबड़ों में दबाया और बिना किसी रोक-टोक के अस्पताल के परिसरों से बाहर निकल गया. जब पुलिस ने महिला से पूछताछ की, तो पता चला कि उस बैग में गहनों के साथ-साथ बिस्कुट और कुछ खाने-पीने की चीजें भी रखी थीं. माना जा रहा है कि खाने की खुशबू की वजह से कुत्ते ने उस बैग को उठा लिया था. पुलिस ने CCTV के जरिए कुत्ते के रास्ते को ट्रैक किया और अस्पताल परिसर से बैग बरामद कर सोने-चांदी के आभूषण एवं ₹2,000 नकद सुरक्षित महिला को लौटा दिए। 👏 CCTV की मदद से पुलिस की तत्परता और जांच ने परिवार की कीमती संपत्ति वापस दिलाई।#Mandsaur #MandsaurPolice #CCTV #MadhyaPradesh — NCIB MadhyaPradesh 🇮🇳 (@NCIBMP) August 25, 2026 सूझबूझ से मिला खोया हुआ खजाना, सुरक्षित लौटे गहने सुरागों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस टीम ने कुत्ते के आने-जाने के रास्ते का पीछा किया. पुलिस ने अस्पताल के आसपास के परिसरों और खुले इलाकों में छानबीन की और आखिरकार वह बैग सुरक्षित ढूंढ निकाला. सबसे बड़ी राहत की बात यह थी कि बैग के अंदर रखे सोने-चांदी के सभी गहने और नकदी बिल्कुल सही सलामत मिल गए. पुलिस ने जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए सोमवार शाम को ही वह कीमती सामान लताबाई वाल्मीकि को वापस सौंप दिया. अपने 4 लाख रुपये के जेवर पाकर महिला की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने मंदसौर पुलिस की टीम का दिल से शुक्रिया अदा किया. अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल भले ही इस अनोखी घटना का अंत खुशी के साथ हुआ और महिला को उसका सारा सामान वापस मिल गया, लेकिन इस पूरी वारदात ने मंदसौर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक आवारा कुत्ता बिना किसी रोक-टोक के सीधे सर्जिकल वार्ड के अंदर कैसे घुस गया और कैसे वह एक मरीज के तीमारदार का कीमती सामान लेकर आसानी से बाहर चला गया. सीसीटीवी कैमरों की वजह से तो पुलिस ने चोर (कुत्ते) को ढूंढ निकाला और माल बरामद कर लिया. ये भी पढ़ें:- जिस मूर्ति को हटाने चली थी रेलवे, आज उसी के सामने सिर झुकाते हैं लोको पायलट; सायरन बजाए बिना आगे नहीं बढ़ पाती कोई ट्रेन!
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