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नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता पद से हटाए गए:उपचुनाव तक प्रशासक संभालेगा प्रशासनिक और वित्तीय कार्य
अंबेडकरनगर में नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के अध्यक्ष ओमकार गुप्ता को शासन ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा 48 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। अध्यक्ष पद रिक्त होने के बाद अब उपचुनाव होने तक नगर पंचायत के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का संचालन प्रशासक करेगा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मामला शासनादेश के अनुसार, अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर जिलाधिकारी अंबेडकरनगर की प्रतिपरीक्षण आख्या के आधार पर विस्तृत जांच कराई गई। जांच में सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय बोर्ड के माध्यम से लिए जाने के आरोप को गंभीर माना गया। हड़ताल की अवधि के वेतन भुगतान के लिए अधिशासी अधिकारी पर दबाव बनाने और त्योहारों के दौरान कर्मचारियों के वेतन भुगतान का अनुमोदन नहीं करने के आरोप भी सही पाए गए। सफाई, पानी और प्रकाश व्यवस्था प्रभावित शासन के मुताबिक, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर में सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था प्रभावित हुई। जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगने से आम लोगों को परेशानी हुई। आदेश में महाकुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और किछौछा शरीफ पहुंचने वाले जायरीनों के बीच नगर की व्यवस्थाओं को लेकर प्रतिकूल संदेश जाने का भी उल्लेख किया गया है। विशेष फर्म को नियमों में छूट देने का आरोप जांच में शासनादेशों और नियमों के विपरीत एक विशेष फर्म को टर्नओवर और अनुभव की शर्तों में छूट दिए जाने का आरोप भी सही पाया गया। शासन ने इसे नगर पंचायत के हितों के प्रतिकूल माना और अध्यक्ष के पदीय दायित्वों के निर्वहन में चूक माना। ईओ से समन्वय नहीं बनाने का भी आरोप अधिशासी अधिकारी के साथ समन्वय नहीं बनाने और नगर पंचायत के सामान्य प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप करने के आरोपों को भी शासन ने गंभीर माना। जांच में सामने आए विभिन्न तथ्यों के आधार पर शासन ने अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया। उपचुनाव तक प्रशासक संभालेगा जिम्मेदारी शासन ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम की धारा 48(2) को धारा 54(क) के साथ पढ़ते हुए ओमकार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पदच्युत कर दिया। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक अध्यक्ष की शक्तियों और कृत्यों का प्रयोग जिलाधिकारी या उनके द्वारा नियुक्त डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी के किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा किया जाएगा। यही अधिकारी नगर पंचायत के प्रशासक के रूप में प्रशासनिक और वित्तीय कार्य संभालेगा।
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