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नागौर सभापति के सिलेक्शन में ज्योति मिर्धा की खास भूमिका:संतोष टाक पर भाजपा में एकराय; रमा और दीपक भी मैदान में, जानें- दावेदारों की प्रोफाइल
भाजपा की ओर से सभापति बनाने में पूर्व सांसद और नागौर की वरिष्ठ नेता डॉ. ज्योति मिर्धा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनके कहने पर ही संतोष टाक को चुनावी मैदान में उतारा गया था। ऐसे में टाक के जीतने के बाद उन्हें ही सभापति बनाने पर सर्व सहमति तय कर दी गई है। वहीं चर्चा है कि रमा सांखला ने उप सभापति पद की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने यह पद उन्हें देने से इनकार कर दिया। इसके कारण उन्होंने बगावत कर दी। हालांकि पार्टी की ओर से फिलहाल समझाइश का दौर जारी है। जबकि कांग्रेस की ओर साख बचाने के लिए बिजनेसमैन दीपक सैनी को सभापति के दावेदार के तौर पर उतारा गया है। बता दें कि नागौर नगर परिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। अंतिम समय तक सभापति पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने कुल पांच नामांकन फॉर्म दाखिल किए। भाजपा से वार्ड 33 की विजेता संतोष टाक और वार्ड 17 की विजेता रमा सांखला ने नामांकन दाखिल किया। रमा सांखला पूर्व सभापति की पत्नी है। उन्होंने भाजपा के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी फॉर्म जमा करवाया है। कांग्रेस की ओर से वार्ड 39 से विजयी दीपक सैनी ने एक नामांकन दाखिल किया। पढ़िए- तीनों दावेदारों की प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण संतोष टाक के नामांकन में भाजपा नेताओं की मौजूदगी संतोष टाक ने रिटर्निंग अधिकारी गोविंद सिंह भींचर के समक्ष नामांकन दाखिल किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया, खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। संतोष टाक वार्ड 33 से भाजपा के टिकट पर जीतकर पार्षद बनी हैं। वे बिजनेसमैन हुकमीचंद टाक की पत्नी हैं। हुकमीचंद टाक लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के करीबी हैं। वे नागौरी पान मेथी और जीरे के कारोबारी हैं। उनके परिवार को डॉ. ज्योति मिर्धा का भी करीबी माना जाता है। ऐसे में पार्टी सूत्रों का दावा है कि संतोष ही सभापति की कुर्सी संभालेंगी। रिटायर्ड टीचर रमा सांखला पूर्व सभापति की पत्नी भाजपा के टिकट पर वार्ड 17 से जीतने वाली रमा सांखला ने सभापति पद के लिए दो नामांकन दाखिल किए। इनमें एक भाजपा प्रत्याशी के रूप में और दूसरा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर है। रमा पूर्व सभापति बिरदीचंद सांखला की पत्नी हैं। बिरदीचंद वर्ष 2011 में सीधे चुनाव के जरिए नागौर सभापति चुने गए थे। रमा सांखला रिटायर्ड टीचर हैं। इस बार उन्हें पहली बार भाजपा से पार्षद का टिकट मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। कांग्रेस से होटल और प्रॉपर्टी कारोबारी दीपक सैनी मैदान में कांग्रेस की ओर से वार्ड 39 से विजयी दीपक सैनी ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल किया। वे दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर पार्षद बने हैं। उनके परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस से जुड़ी रही है। परिवार होटल और प्रॉपर्टी कारोबार से भी जुड़ा है। हालांकि नामांकन के दौरान कांग्रेस के स्थानीय बड़े नेता उनके साथ नजर नहीं आए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा और नागौर विधायक हरेंद्र मिर्धा भी मौजूद नहीं रहे। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी की साख को बचाने के लिए मजबूत चेहरा दीपक सैनी के रूप में चुनावी मैदान में उतारा गया, जिससे भाजपा सीधे तौर पर विजेता नहीं बन सके। भाजपा में बगावत को रोकने की तैयारी नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभापति चुनाव में तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें दो भाजपा से और एक कांग्रेस से हैं। रमा सांखला के भाजपा और निर्दलीय दोनों रूप में नामांकन दाखिल करने से भाजपा के अंदरूनी समीकरण भी चर्चा में हैं। हालांकि समीकरण बदलते हैं तो मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है। ............................................... नागौर नगर परिषद चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... नागौर में निर्दलीय के सामने दो पूर्व सभापति हारीं:मामा के विरोध के बाद भी भांजा जीता; 23 निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड का गणित नागौर नगर परिषद के सभी 60 वार्डों में निर्दलीयों ने 23 वार्ड जीतकर सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं, जबकि भाजपा को 21, कांग्रेस को 15 और RLP को 1 वार्ड में जीत मिली है। निर्दलीय भाजपा से 2 सीट आगे हैं। किसी भी पार्टी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला है। पूरी खबर पढ़िए नागौर में सभापति पद के लिए भाजपा में बगावत:MLA की मौजूदगी में संतोष टाक ने भरा नामांकन, पूर्व सभापति की पत्नी भी मैदान में नागौर नगर परिषद कार्यालय में भाजपा की ओर से वार्ड नंबर 33 से विजयी संतोष टांक नामांकन जमा करवाया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया, खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़िए
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