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निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो होगी भूख हड़ताल:महापंचायत में रवि गौतम ने कहा मुकदमे वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन
ललिता गौतम को न्याय दिलाने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर रविवार को महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में बहुजन समाज के लोग शामिल हुए। महापंचायत में अधिवक्ता रवि गौतम ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करीब सवा महीने पहले ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए बहुजन समाज के लोग एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी देहात के पास अपनी मांगें लेकर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि मांगपत्र डीएम तक पहुंचाने के दौरान आंदोलनकारियों के साथ पुलिस ने अभद्रता और मारपीट की। रवि गौतम ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सरकार और प्रशासन से की गई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से भी मांग उठाई गई कि संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित अथवा बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उनका कहना था कि पुलिसकर्मियों ने आंदोलनकारियों के अधिकारों का उल्लंघन किया और संवैधानिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले लोगों के साथ गलत व्यवहार किया। 20 अगस्त से धरना, नए एसएसपी को भी दिया मांगपत्र अधिवक्ता रवि गौतम ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर 20 अगस्त से धरना दिया जा रहा है। रविवार को धरने का 11वां दिन है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच जिले में नए एसएसपी की तैनाती हुई। आंदोलनकारियों ने उन्हें भी अपना मांगपत्र दिया, लेकिन रवि गौतम के अनुसार उनकी ओर से भी कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद समाज के लोगों को एकजुट कर महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि महापंचायत का उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि अपनी मांगों को मजबूती से प्रशासन के सामने रखना है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। रवि गौतम ने पुलिस-प्रशासन पर महापंचायत को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया। उन्होंने दावा किया कि नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों से महापंचायत में आने वाले कई लोगों को रास्ते में ही डिटेन कर लिया गया। कुछ लोगों को मेरठ पहुंचने से पहले वापस भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मुजफ्फरनगर और हापुड़ बॉर्डर पर भी रोकने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और सैकड़ों वाहनों को रोककर रखा गया। इससे लोगों को परेशानी हुई। रवि गौतम ने कहा कि अगर लोग अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने के लिए एक जगह एकत्रित हो रहे हैं तो उन्हें रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। रवि गौतम ने प्रशासन से सवाल किया कि जब लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस का रवैया आंदोलन को दबाने वाला है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन आंदोलनकारियों को रोकने के लिए इसी तरह कार्रवाई करता रहा तो इससे लोगों में और नाराजगी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को ऐसी स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए, जिसमें लोग मजबूर होकर सड़क पर उतरें या रास्ते जाम करें। रवि गौतम ने कहा कि ललिता गौतम के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पहले भी समाज के लोगों ने संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि उस समय आंदोलनकारियों ने लाठियां खाईं, जेल गए और परिवार की मांगों के समर्थन में खड़े रहे। उनके अनुसार उस आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री ने परिवार से मुलाकात की और मंत्री स्तर पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि उस संघर्ष के बाद परिवार की कई मांगें पूरी हुई थीं। तीन दिन का समय, इसके बाद भूख हड़ताल महापंचायत के दौरान रवि गौतम ने कहा कि प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया जा रहा है। यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो धरने को भूख हड़ताल में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब अनिश्चितकालीन धरने के रूप में जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक इसे समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना, मामले की निष्पक्ष जांच कराना, उनकी आय-संपत्ति की जांच कराना और आंदोलनकारियों पर लगाए गए मुकदमों को वापस लेना शामिल है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नामजद किया गया है और जिनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं, उनके मामलों की भी समीक्षा कर मुकदमे वापस लिए जाएं। अभी पंचायत है, जरूरत पड़ी तो बड़ी महापंचायत रवि गौतम ने कहा कि प्रशासन जितने लोगों को हिरासत में लेगा, उससे आंदोलन की आवाज खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अभी यह महापंचायत है और जरूरत पड़ी तो इससे भी बड़ी महापंचायत बुलाई जाएगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि महापंचायत में शामिल लोगों ने प्रशासन से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया है। उनकी मांग है कि पुलिस आंदोलनकारियों के साथ संवाद करे और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाले। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अपनी आवाज उठाने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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