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नाथ नगरी बरेली में 'माननीयों' का हाई वोल्टेज ड्रामा:शिव दरबार में मर्यादा तार-तार, जमकर चले तीखे बाण, लंबे समय से चल रही थी अंदरूनी खींचतान
धर्म की नगरी बरेली में उस वक्त भक्ति की जगह शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा बन गया, जब एक ही दल के दो सबसे कद्दावर चेहरे आपस में उलझ पड़े। सावन के अंतिम सोमवार को निकली एक पावन पदयात्रा का समापन जैसे ही कैंट क्षेत्र के प्रसिद्ध शिवालय परिसर में हुआ, वहां भक्ति रस की जगह सियासी घमासान का अखाड़ा सज गया। मंदिर की चौखट पर हुआ शक्ति परीक्षण प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शहर के दो बड़े सियासी धुरंधर, जिनके बीच लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चल रही थी, आमने-सामने आते ही आपा खो बैठे। विवाद की चिंगारी इतनी तेजी से भड़की कि बात तीखी नोकझोंक से शुरू होकर अमर्यादित भाषा और धक्का-मुक्की तक जा पहुंची। संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों और सरकार के नुमाइंदों के सामने ही दोनों खेमों में तकरार इतनी बढ़ी कि नौबत हाथ-पैर चलाने तक आ गई। बीच-बचाव के बाद एक दिग्गज नाराज होकर कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ बाहर निकल गए। सोशल मीडिया पर बयानों के मीम्स और चुटकियां घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में यह किस्सा आग की तरह फैल चुका है। शहर के डिजिटल गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि "जब शहर के रखवाले ही आपस में भिड़ेंगे तो विकास की गाड़ी कैसे चलेगी?" लोग खुले मंच पर इस वर्चस्व की लड़ाई पर चुटकियां ले रहे हैं। बिना नाम लिए हर कोई समझ रहा है कि 'झुमका नगरी' की सियासत में कौन से दो सितारे एक-दूसरे की चमक फीकी करने पर तुले हैं।
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