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नावानगर थानेश्वर मंदिर में अंतिम सोमवारी पर शिव-पार्वती की पूजा:1920 से चली आ रही परंपरा, पुलिसकर्मी और ग्रामीण हुए शामिल
श्रावण मास की अंतिम सोमवारी पर नावानगर थाना परिसर स्थित ऐतिहासिक थानेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। यह पूजा वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से संपन्न हुई। इस अवसर पर नावानगर थानाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार अपनी पत्नी नंदनी कुमारी के साथ मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। पंडित रंगवासी पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। मंदिर में स्थापित भगवान शिव, मां काली भगवती और हनुमान जी की भी पूजा की गई। पुलिसकर्मियों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी किया। थानेश्वर महादेव मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर पुलिस द्वारा मुख्य यजमान की भूमिका निभाने की यह परंपरा वर्ष 1920-21 से चली आ रही है। आजादी से पहले से जारी इस परंपरा का पुलिसकर्मी और ग्रामीण आज भी श्रद्धापूर्वक निर्वहन करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह आयोजन कौमी एकता की मिसाल भी पेश करता है, क्योंकि विभिन्न समुदायों से आने वाले थानाध्यक्षों ने भी इसमें सहभागिता कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया है। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। शाम को मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया। पूजा से पूर्व मंदिर की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य भी ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के सहयोग से किया गया था। इस पूजा और भंडारे के आयोजन में नावानगर, भटौली, रूपसागर, बुढैला, जीतवाडीह, अतिमी सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों ने सहयोग किया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
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