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पंचायत सचिवों ने 16 सूत्रीय मांगों के लिए निकाली रैली:सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ज्ञापन दिया
बैतूल में पंचायत सचिव संगठन से जुड़े सचिवों ने शुक्रवार को अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाली। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी गई है। अतिरिक्त विभागीय कामों से मुक्ति की मांग संगठन का कहना है कि पंचायत सचिव ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास कार्यों को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनसे पंचायत के मूल कार्यों के अलावा राजस्व और अन्य विभागों से जुड़े काम भी कराए जा रहे हैं। सचिवों ने इन अतिरिक्त कामों से मुक्त करने की मांग की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विलय की मांग ज्ञापन में पंचायत सचिव संवर्ग का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विलय करने की मांग रखी गई है। इसके साथ ही स्वामित्व योजना और राजस्व से जुड़े कामों से सचिवों को मुक्त करने की मांग की गई। संगठन ने 3 अगस्त 2023 को भोपाल में हुए पंचायत सचिव सम्मेलन में की गई घोषणाओं के लंबित आदेश भी जारी करने की मांग की है। वेतन और पदोन्नति से जुड़ी मांगें सचिवों ने समयमान वेतनमान देने और वेतन में असमानता दूर करने की मांग की है। पंचायत समन्वय अधिकारी (PCO) के पद पर 50 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति कोटा लागू करने और 300 दिन के अर्जित अवकाश का पैसा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। स्वास्थ्य बीमा और आयुष्मान का लाभ पंचायत सचिवों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य बीमा और आयुष्मान योजना का लाभ देने की मांग की गई है। संगठन ने मनरेगा के अधूरे या चल रहे कार्यों में बिना जांच और मौके के सत्यापन के वसूली नहीं करने की मांग भी रखी है। पुरानी पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति की मांग ज्ञापन में योग्य पंचायत सचिवों के सेवाकाल की गणना नियुक्ति की तारीख से करने और पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग की गई है। दिवंगत पंचायत सचिवों के योग्य OBC आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने और CPCT की अनिवार्यता में छूट देने की मांग भी रखी गई है। रिटायरमेंट की राशि 10 लाख करने की मांग संगठन ने सेवानिवृत्त पंचायत सचिवों की रुकी हुई ग्रेच्युटी और NPS राशि का भुगतान करने की मांग की है। साथ ही रिटायरमेंट पर मिलने वाली राशि 3 लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख रुपए करने की मांग की गई है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो हड़ताल की चेतावनी पंचायत सचिव संगठन ने कहा कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेने की चेतावनी भी दी गई है।
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