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पैक्स अध्यक्षों ने धान खरीद रोकने की चेतावनी दी:एसएफसी का ब्याज सीधे बैंक को देने और ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की मांग
कैमूर के भभुआ धान खरीद में आ रही समस्याओं और बकाया भुगतान को लेकर पैक्स एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भभुआ के एक निजी होटल में हुई बैठक में प्रतिनिधियों ने 10 सूत्री मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने और बकाया भुगतान होने तक धान की खरीद बंद रखी जाएगी। बैठक में सांकेतिक अनशन की रणनीति पर भी चर्चा की गई। सासाराम-भभुआ सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पैक्स और व्यापार मंडल की ओर से सरकार के सामने 10 मुद्दे रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि पैक्स अध्यक्षों पर पांच से दस लाख रुपये तक अतिरिक्त ब्याज का बोझ पड़ चुका है। इससे कई अध्यक्षों के डिफॉल्टर होने की स्थिति बन गई है। एसएफसी का ब्याज सीधे बैंक को देने की मांग प्रतिनिधियों ने मांग की कि एसएफसी का ब्याज सीधे बैंक को दिया जाए और समितियों को ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट उपलब्ध कराया जाए। एसएफसी की जवाबदेही तय करने के लिए पहले की तरह त्रिपक्षीय समझौता लागू करने की मांग भी की गई। फिलहाल समझौता केवल बैंक और पैक्स के बीच होता है। मिल टैगिंग और अनुदान में बदलाव की मांग बैठक में मिल टैगिंग के दौरान पैक्स को अपनी पसंद की मिल चुनने की छूट देने की मांग उठाई गई। इसके अलावा प्रबंधकीय अनुदान सीएमआर चावल के बजाय धान पर देने तथा बकाया अनुदान और बोरों की राशि का जल्द भुगतान करने को कहा गया। प्रतिनिधियों ने जिले के कुल धान खरीद लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत पैक्स को आवंटित करने की मांग भी रखी। झूठी शिकायतों पर एफआईआर का लगाया आरोप भगवानपुर पैक्स के इंद्रजीत पांडेय ने कहा कि किसान खुद ओटीपी देते हैं और चेकबुक पर हस्ताक्षर करते हैं। इसके बावजूद झूठी शिकायतों के आधार पर पैक्स अध्यक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। उन्होंने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। खरीद बंद रखने और आमरण अनशन की चेतावनी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि बकाया भुगतान और मांगें पूरी होने तक धान खरीद नहीं की जाएगी। उन्होंने हड़ताल और आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी। बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी देने की बात कही गई।
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