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पीलीभीत में जमीन के सौदे में 20 लाख की धोखाधड़ी:आरोपी को 1 साल की सजा; 18 लाख रुपए अर्थदंड; 2015 में तीन किस्तों में लिए थे रुपए
पीलीभीत में जमीन के सौदे में धोखाधड़ी के मामले में त्वरित न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। सिविल जज (अवर खंड) त्वरित न्यायालय/न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्कर्ष सिंह की अदालत ने आरोपी अब्दुल रफीक उर्फ गुड्डू को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे एक वर्ष के कारावास और 18 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी प्लॉटिंग कारोबारी महमूद मियां का वर्ष 2015 में मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी अब्दुल रफीक उर्फ गुड्डू से संपर्क हुआ था। दोनों के बीच जमीन की खरीद-फरोख्त का सौदा तय हुआ। इसके एवज में महमूद मियां ने आरोपी को तीन किस्तों में कुल 20 लाख रुपए नकद दिए। आरोपी के जेल जाने से नहीं हो सकी रजिस्ट्री सौदा होने के बाद अब्दुल रफीक किसी अन्य मामले में जेल चला गया। इसके चलते जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जेल से बाहर आने के बाद महमूद मियां ने अपनी रकम वापस मांगी या जमीन का सौदा पूरा करने के लिए कहा। 9.60 लाख का चेक दिया, खाता पहले ही बंद था आरोप है कि इसके बाद अब्दुल रफीक ने महमूद मियां को 9.60 लाख रुपए का चेक दिया और बाकी रकम जल्द लौटाने का आश्वासन दिया। महमूद मियां ने चेक बैंक में लगाया तो अधिकारियों ने बताया कि जिस खाते का चेक है, वह पहले ही बंद हो चुका है। चेक बाउंस होने के बाद पीड़ित ने अधिवक्ता के जरिए कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। साक्ष्यों और बैंक रिपोर्ट को माना अहम रकम नहीं मिलने पर महमूद मियां ने न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों, बैंक रिपोर्ट और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों का अवलोकन किया। इसके आधार पर अब्दुल रफीक उर्फ गुड्डू को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के कारावास के साथ 18 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसले के बाद जमीन के सौदे में धोखाधड़ी के इस मामले में पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।
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