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प्राचार्य पद के अभ्यर्थी पर फर्जीवाड़े और गबन का आरोप:UPESSC में इंटरव्यू से पहले शिकायत, वेतन रोका गया, जांच जारी
प्रदेशभर के एडेड महाविद्यालयों में प्राचार्य पद की भर्ती के लिए प्रयागराज में चल रहे इंटरव्यू के बीच एक अभ्यर्थी की शिकायत उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार से की गई है। आरोप है कि प्राचार्य पद के अभ्यर्थी डॉ. तनुज कुमार की पीएचडी डिग्री के फर्जीवाड़े की जांच हो रही है। इसके बावजूद बुधवार को आयोग में उनको इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है। उनके खिलाफ कॉलेज में फीस गबन का मुकदमा चल रहा है। यह शिकायत कृषक पीजी कॉलेज मवाना मेरठ के प्राचार्य डॉ. विमलेश मिश्रा और प्रबंध समिति के सदस्यों ने किया है। डॉ. तनुज कुमार मेरठ के कृषक पीजी कॉलेज मवाना में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक हैं। वहां के प्राचार्य डॉ. विमलेश मिश्र ने आयोग के अध्यक्ष को भेजे पत्र में बताया कि डॉ. तनुज को प्राचार्य पद के आवेदन के संबंध में कॉलेज से एनओसी नहीं दी गई है। यदि उनके किसी हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज का उपयोग किया गया है, तो वह फर्जी है। गबन के मुकदमों का आरोप उन्होंने बताया कि डॉ. तनुज कुमार के खिलाफ कॉलेज के तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में सत्र 2018-19 की स्ववित्तपोषित कक्षाओं बीकॉम और बीएससी होम साइंस में फीस गबन और छात्रवृत्ति धोखाधड़ी के मामले में थाना मवाना में एफआईआर दर्ज है, जिसमें पुलिस चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर चुकी है। इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका विशेष न्यायालय (एंटी करप्शन) मेरठ द्वारा खारिज की जा चुकी है। इन प्रकरणों के चलते मार्च 2026 से उनका वेतन रोका गया है। फर्जी डिग्री की जांच शिकायती पत्रों में कहा गया है कि साईनाथ यूनिवर्सिटी रांची से की गई उनकी पीएचडी को लेकर शासन स्तर पर जांच चल रही है। इसके अलावा पल्लवपुरम थाने में भी एक अन्य मुकदमा दर्ज होने की शिकायत की गई है। इस संबंध में डॉ. तनुज कुमार ने बताया कि एनओसी प्राचार्य नहीं, कंट्रोलर देते हैं। जो भी आरोप लगे हैं, उनकी जांच चल रही है और किसी भी मामले में वह दोषी नहीं हैं। उन्होंने प्राचार्य पर वरिष्ठता को दरकिनार करने और पूर्व सचिव के साथ मिलकर शिकायत करने का आरोप लगाया है।
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