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प्रतापगढ़-चित्रकूट के बीच दौड़ेगी नई संयुक्त एक्सप्रेस:उन्नाव समेत कई शहरों को मिलेगा सीधा लाभ, अब 12 की जगह 24 कोच होंगे
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए दो एक्सप्रेस ट्रेनों का विलय कर दिया है। सोमवार दोपहर को चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल और मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस के विलय को मंजूरी मिली है। इस विलय के बाद अब यह संयुक्त सेवा 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी। इस नई व्यवस्था से प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो जाएगी। रेलवे ने इस संयुक्त ट्रेन में कोचों की संख्या भी बढ़ाई है। पहले दोनों सेवाओं में कुल 12 कोच थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 24 कोच किया जाएगा। इससे यात्रियों को अधिक सीटें मिलेंगी और ट्रेन की वहन क्षमता भी बढ़ेगी। नई संयुक्त सेवा से प्रतापगढ़ और चित्रकूटधाम के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को कानपुर में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनका सफर और सुविधाजनक बनेगा। यह ट्रेन मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से शुरू होकर अमेठी, गौरीगंज, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर सेंट्रल, घाटमपुर, हमीरपुर रोड, बांदा और अतर्रा होते हुए चित्रकूटधाम कर्वी तक पहुंचेगी। वापसी में भी यह ट्रेन इसी मार्ग पर यात्रा कराएगी। इससे इन सभी प्रमुख स्टेशनों से जुड़े यात्रियों को एक ही ट्रेन के माध्यम से लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा मिलेगी। उन्नाव के यात्रियों के लिए भी यह नई सेवा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली और चित्रकूट की ओर जाने वाले यात्रियों को अब बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। विशेष रूप से, धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी इस ट्रेन सेवा से सीधा लाभ मिलेगा। स्टेशन अधीक्षक सुधांशु मोहन ने बताया कि रेलवे ने दोनों ट्रेनों के विलय का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कोचों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और नई सेवा के संचालन से रेल यात्रियों का आवागमन बेहतर बनेगा। रेलवे के इस फैसले को यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषकर, प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
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