politics
पूर्व चेयरमैन बोले-कपासन में जिलाध्यक्ष ने कराई क्रॉस वोटिंग:बहुमत के बाद भी हारे, 4 पार्षदों पर आरोप; जिला अध्यक्ष बोले-आरोप गलत
चित्तौड़गढ़ की कपासन नगरपालिका में सभापति पद की वोटिंग और रिजल्ट के बाद कांग्रेस की फूट उजागर हो गई। कपासन कांग्रेस के पदाधिकारियों और 9 पार्षदों ने मीरानगर स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस-कॉन्फ्रेंस की। यहां जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया पर 4 पार्षदों से क्रॉस वोटिंग कराने के आरोप लगाए। पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा देने का ऐलान भी किया है। बता दें कि कपासन नगर पालिका में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में चला गया। भाजपा की सरोज देवी को 25 में से 16 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी उर्मिला मोदी को केवल 9 वोट मिले। परिणाम सामने आते ही कांग्रेस के 4 पार्षदों की क्रॉस वोटिंग सामने आ गई। दो निर्दलीयों ने भी भाजपा का साथ दिया। कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला पूर्व चेयरमैन प्रमोद मोदी की पत्नी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की सभापति पद की प्रत्याशी उर्मिला मोदी के पति प्रमोद मोदी भी मौजूद थे। प्रमोद मोदी पार्टी में जिला कोषाध्यक्ष और पूर्व चेयरमैन हैं। इस दौरान कांग्रेस के जीते हुए 9 पार्षद, प्रदेश सचिव ललित बोरीवाल, संगठन जिला महासचिव दिनेश चंद्र चाष्टा और नगर अध्यक्ष पवन शर्मा भी मौजूद रहे। सभी ने कांग्रेस की हार का ठीकरा जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया और 4 पार्षदों पर फोड़ा। इन पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की बात कही प्रेस-कॉन्फ्रेंस में उठाए ये मुद्दे जांच के बाद होगी कार्रवाई, दोषी मिले तो पार्टी से बाहर करेंगे इन आरोपों पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा- मेरे खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है। नगर पालिका चुनाव के टिकट किसी एक व्यक्ति ने नहीं बांटे, बल्कि जनपद, जिला और प्रदेश स्तर पर राय लेने के बाद उम्मीदवार तय किए गए थे। अध्यक्ष पद के लिए तीन दावेदार थे, लेकिन टिकट मिलने के बाद सभी नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे थे। पिछले तीन दिनों से मैं लगातार उदयपुर और दूसरे स्थानों पर पार्टी नेताओं के साथ था। प्रमोद मोदी भी मेरे साथ थे। ऐसे में यह कहना कि मैंने किसी तरह की बाड़ेबंदी कराई या क्रॉस वोटिंग करवाई, पूरी तरह गलत है। जिले की सात नगरपालिकाओं में चुनाव हो रहे थे। ऐसे में मैं हर जगह जाकर बाड़ेबंदी कैसे कर सकता हूं। अगर किसी पार्षद ने वास्तव में पार्टी के खिलाफ मतदान किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। बिना जांच किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पहले यह पता लगाया जाएगा कि किसने क्रॉस वोटिंग की और किन परिस्थितियों में की। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पार्टी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद भी चाहता हूं कि पार्टी में अनुशासन बना रहे और जिसने पार्टी के साथ गलत किया है, उसके खिलाफ सख्त फैसला लिया जाए। लेकिन सिर्फ आरोप लग जाने से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। भाजपा ने बढ़ाई कांग्रेस की अंदरूनी मुश्किलें कपासन नगर पालिका में भाजपा की सरोज देवी की जीत हुई। इससे कांग्रेस के अंदर चल रही फूट खुलकर सामने आ गई। सबकी नजर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर रहेंगी कि वह इस पूरे मामले की जांच किस तरह कराता है।
Read full article on Bhaskar