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पूर्व जिलाध्यक्ष ने मंडलायुक्त को गिनाईं कानपुर की 7 समस्याएं:CM ग्रिड में फुटपाथ की चौड़ाई पर सवाल,बोले-2 साल में टूटी सड़कों की जांच हो
भाजपा कानपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय ने शुक्रवार को मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन के सामने शहर की विकास संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया है। उन्होंने पत्र में जलभराव, मेट्रो कार्यों के बाद सड़कों की स्थिति, सीएम ग्रिड की सड़कों पर फुटपाथ की चौड़ाई, खराब सड़कों, ट्रैफिक डायवर्जन और अतिक्रमण समेत सात मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि हर साल बड़े-बड़े दावों के बावजूद नालों की सफाई ठीक से नहीं होने के कारण इस बार जलभराव की समस्या ज्यादा रही है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर कई दिनों तक पानी भरा रहा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेट्रो कार्य के बाद सड़कें मोटरेबल करने की मांग भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि मेट्रो, सीवर लाइन, वाटर लाइन और भूमिगत केबल के काम के लिए सड़कों को बार-बार खोदा जाता है। काम पूरा होने के बाद कई जगह सड़क को दोबारा मोटरेबल नहीं किया जाता। उन्होंने संबंधित विभागों से इस पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। सीएम ग्रिड में फुटपाथ की चौड़ाई पर सवाल पूर्व जिलाध्यक्ष ने सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों में फुटपाथ ज्यादा चौड़ा किए जाने का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने बताया कि बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क की चौड़ाई पर्याप्त रखी जानी चाहिए और फुटपाथ को जरूरत के मुताबिक सीमित किया जाना चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि फुटपाथ पर अतिक्रमण होने से यातायात और बाधित होता है। एक-दो साल में टूट रही सड़कों की जांच की मांग दीपू पांडेय ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, केडीए और आवास विकास की ओर से बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई या एक-दो साल पहले बनी सड़कें टूट रही हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए। केवल निर्माण एजेंसी पर जिम्मेदारी डालने के बजाय गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की मांग की गई है। डायवर्जन से जाम बढ़ने का दावा इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लगाए गए डायवर्जन को भी जाम का एक कारण बताया गया है। पोस्टमार्टम हाउस, बाटा चौराहा, जीटी रोड पर कोका-कोला चौराहा, गुमटी नंबर-5, जरीब चौकी, अफीम कोठी और चन्नीगंज थाने के आगे समेत कई स्थानों में लगने वाले जाम का मुद्दा उठाया है। पत्र में कहा गया है कि कई जगह डायवर्जन को लेकर संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। चौराहों के 100 मीटर दायरे में अतिक्रमण हटाने की मांग पूर्व जिलाध्यक्ष ने प्रमुख चौराहों के आसपास सड़क किनारे दुकानों, रिक्शा और ई-रिक्शा के जमावड़े को भी जाम का कारण बताया। उन्होंने चौराहों के करीब 100 मीटर तक अतिक्रमण और अन्य अवरोध हटाने के निर्देश को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग की है। इस दौरान पूर्व महापौर रविंद्र पाटनी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, शैल शुक्ला समेत अन्य बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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