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प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रा फांसी पर लटकी मिली:छोटे भाई के संग रहकर कर रही थी तैयारी, माइग्रेन की बीमारी से रहती थी परेशान
प्रयागराज के बेली मोहल्ले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही 25 वर्षीय छात्रा ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी। वह अपने छोटे भाई के साथ किराये के कमरे में रहकर वनडे एग्जाम की तैयारी कर रही थी। घटना के समय उसका भाई कूड़ा फेंकने के लिए नीचे गया था। वापस लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने भीतर झांककर देखा। बहन का शव फंदे से लटकता देख उसके होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवारवालों के मुताबिक, छात्रा माइग्रेन की बीमारी से परेशान थी। पिछले तीन-चार साल से उसका इलाज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि बीमारी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि, आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक साल से प्रयागराज में रह रही थी प्रतियोगी छात्रा की पहचान प्रिया पाल (25) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के लीलापुर के तीना गांव की रहने वाली थी। उसके पिता अमरनाथ प्राइवेट नौकरी करते हैं। प्रिया अपने छोटे भाई अनुज के साथ करीब एक साल से प्रयागराज में किराये के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। करीब पांच महीने पहले ही दोनों ने बेली मोहल्ले में कमरा लिया था। मकान की तीसरी मंजिल पर प्रिया का कमरा था। मंगलवार सुबह वह कमरे में थी, जबकि उसका छोटा भाई अनुज नीचे गया हुआ था। इसी दौरान यह घटना हुई। कूड़ा फेंककर लौटा भाई तो अंदर से बंद मिला दरवाजा पुलिस के मुताबिक, अनुज ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे वह कूड़ा फेंकने के लिए नीचे गया था। कुछ देर बाद वापस लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उसने किसी तरह कमरे के भीतर झांककर देखा तो प्रिया फंदे पर लटकी हुई दिखाई दी। यह देखकर उसने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों की मदद से किसी तरह दरवाजा खोला गया, लेकिन तब तक प्रिया की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके बाद फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। जांच-पड़ताल के बाद शव को नीचे उतरवाया गया। परिवार ने बताया- 3-4 साल से चल रहा था इलाज घटना की जानकारी मिलने पर प्रिया की मां और परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रिया माइग्रेन से पीड़ित थी और पिछले तीन-चार साल से उसका इलाज चल रहा था। वह बीमारी से परेशान रहती थी। परिजनों ने आशंका जताई कि इसी परेशानी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला कैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि बेली में प्रतियोगी छात्रा के फांसी लगाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल की जांच कराई गई है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों ने छात्रा के माइग्रेन से पीड़ित होने और उसका लंबे समय से इलाज चलने की जानकारी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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