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प्रयागराज में शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों का सम्मान:मानदेय बढ़ने और कैशलेस योजना में शामिल होने पर सरकार का जताया धन्यवाद
प्रयागराज के भगवतपुर में रविवार को शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों का सम्मान समारोह हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग भगवतपुर ने बृज बिहारी सहाय डिग्री कॉलेज (BBS) में यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मानदेय बढ़ने और मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना में शामिल किए जाने पर राज्य सरकार का धन्यवाद किया गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थे। जिला अध्यक्ष और प्रदेशीय संयुक्त महामंत्री देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी हुई है। उन्हें कैशलेस इलाज योजना का लाभ भी मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा शिक्षकों के साथ अभिभावक की तरह खड़े रहते हैं। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में भवन, शौचालय, पीने का पानी और डेस्क-बेंच जैसी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही, विद्यालयों में आईसीटी लैब और नई तकनीक की सुविधाएं भी दी जा रही हैं। मुख्य अतिथि सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। सरकार चाहती है कि प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को विद्यालय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि रसोइया बच्चों की देखभाल माता यशोदा की तरह करती हैं। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि विद्यालय की रसोइया रेशमी ने उनसे मानदेय कम होने की समस्या बताई थी। उन्होंने यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी, जिसके बाद रसोइयों का मानदेय बढ़ा। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना से उनके परिवारों को इलाज की सुविधा का सुरक्षा कवच देने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में सड़क, एयरपोर्ट और शिक्षा से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका अगला लक्ष्य क्षेत्र में मेट्रो ट्रेन की सुविधा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
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