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पति की हत्या में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद:35-35 हजार रुपए का जुर्माना, अलीगढ़ में बच्चों ने कहा- फांसी की सजा होनी चाहिए
अलीगढ़ में पति की हत्या के मामले में अदालत ने गुरुवार को पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बरला क्षेत्र में करीब एक साल पहले हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय तोष कुमार शर्मा की अदालत ने बीना और उसके प्रेमी मनोज को दोषी माना। दोनों को आजीवन कारावास के साथ 35-35 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई। फैसले के बाद बीना के बेटे नितेश और बेटी रोशनी ने सजा को कम बताते हुए दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की। उनका कहना था कि उनके पिता की हत्या की गई है, इसलिए दोषियों को मृत्युदंड मिलना चाहिए। पत्नी ने प्रेमी से कहा- सुरेश को गोली मार दो अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता जेपी राजपूत के मुताबिक, बरला कस्बे के मोहल्ला कोठी निवासी विजय सिंह ने 10 जुलाई 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि विजय के भाई सुरेश की पत्नी बीना के मोहल्ले के ही मनोज से प्रेम संबंध थे। घटना वाले दिन विजय घर के बाहर बैठा था और बीना दरवाजे पर खड़ी थी। इसी दौरान मनोज वहां पहुंचा। अभियोजन के अनुसार, बीना ने मनोज से सुरेश को गोली मारने और उसे जिंदा न छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद मनोज ने तमंचे से सुरेश को गोली मार दी। भाई को बचाने दौड़ा तो विजय पर भी किया फायर सुरेश को गोली लगते ही उसका भाई विजय उसे बचाने के लिए दौड़ा। आरोप है कि मनोज ने विजय पर भी फायर किया, लेकिन गोली दीवार में जा लगी। घटना के बाद पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बीना और मनोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना। बच्चों ने कहा- पिता की हत्या करने वालों को फांसी मिले फैसला सुनाए जाने के बाद बीना के बेटे नितेश और बेटी रोशनी ने आजीवन कारावास की सजा पर नाराजगी जताई। दोनों ने कहा कि उनके पिता की हत्या की गई है। इसलिए पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
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