Canada's #1 Community Marketplace
Home Blog News Announcements Pricing Register Free
politics

पत्नी-बेटे ने कांग्रेस प्रत्याशी के वोट काटे:कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी का वोट बैंक बढ़ा; पढ़िए-सीकर चुनाव के रोचक तथ्य

📰 Bhaskar 🕐 1 min read 📅 September 16, 2026 👁 1 views
पत्नी-बेटे ने कांग्रेस प्रत्याशी के वोट काटे:कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी का वोट बैंक बढ़ा; पढ़िए-सीकर चुनाव के रोचक तथ्य
सीकर नगर परिषद के पार्षदों के चुनाव में इस बार कई रोचक तथ्य सामने आए। कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले सीकर में पिछले चुनाव के मुकाबले केवल 2 सीट बढ़ी। वहीं बीजेपी का वोट बैंक 4 प्रतिशत तक बढ़ा। वार्ड 18 में हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी साबिर बिसायती ने अपनी पत्नी और एक निर्दलीय को भी खड़ा किया था। दोनों ने कांग्रेस प्रत्याशी के वोट ही काट दिए। ऐसा नहीं होता तो पत्नी और बेटे के हिस्से आए 22 वोट लेकर साबिर जीत सकते थे। सभापति की सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होते ही कांग्रेस की बिना आधिकारिक घोषणा के ही जीवण खां ने खतीजा बानो के वार्ड 15 से उम्मीदवारी के पोस्टर जारी कर दिए थे। चुनाव में ऐसे कई रोचक तथ्य सामने आए, विस्तार से पढ़िए- कांग्रेस प्रत्याशी हारा,पत्नी-निर्दलीय को बनाया था डमी प्रत्याशी सीकर के वार्ड 18 के रिजल्ट की सबसे ज्यादा चर्चा है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी साबिर बिसायती और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी यूनुस को बराबर 643 वोट मिले। लौटरी से यूनुस की जीत की घोषणा हुई। इस वार्ड में एक और रोचक तथ्य ये है कि लॉटरी में हारने वाले साबिर बिसायती ने डमी कैंडिडेट के रूप में पत्नी सोनिया बानो और बेटे वाहिद अली को निर्दलीय खड़ा किया था। सोनिया को 6 व वाहिद को 16 वोट मिले। इधर, साबिर बराबर वोट मिलने के बाद लॉटरी में चुनाव हार गए। पत्नी और निर्दलीय के मिलाकर 22 वोट साबिर के हिस्से आते तो परिणाम कुछ और हो सकता था। पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस की केवल 2 सीट बढ़ी पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार कांग्रेस की सिर्फ 2 सीटें बढ़ी हैं। 2 निर्दलीय पार्षदों एडवोकेट असलम खान और मोहम्मद अकरम खत्री को कांग्रेस ने टिकट नहीं दी थी। अकरम लगातार दूसरी बार निर्दलीय पार्षद बने हैं। उन्होंने 4 बार के पार्षद रहे अब्दुल लतीफ चौहान को 1051 वोटों के बड़े अंतर से हराया है। वार्ड 30 के युवा पार्षद एडवोकेट असलम खान ने कांग्रेस के मो. रफीक को 533 वोटों से हराया है। टिकट वितरण के समय कांग्रेस ने इन दोनों वार्डों में गौर किया होता तो पार्षद कांग्रेस के हिस्से में गिने जाते। विधायक के वार्ड में कांग्रेस की हार चौंकाने वाला परिणाम तो सीकर के विधायक राजेंद्र पारीक के वार्ड में आया। कांग्रेस की सरकारों में कैबिनेट मंत्री तक रहे विधायक राजेंद्र पारीक के वार्ड 27 में कांग्रेस को लगातार 6वीं हार मिली। वहां से जीतने वाले भाजपा के चतुर्भुज कुमावत वही हैं, जिन्हें पिछली गहलोत सरकार के समय राजेंद्र पारीक ने मनोनीत पार्षद बनाया था। यही नहीं, हारने वाले कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश कुमावत पहले इसी वार्ड से भाजपा से पार्षद थे। अब शहरभर में चर्चा है कि इस वार्ड में तो प्रकाश भाजपा में रहते तो हारते नहीं और चतुर्भुज दल नहीं बदलते तो जीत नहीं पाते। पति-पत्नी के पोस्टरों की अदला-बदली रही चर्चा में पूर्व सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी खतीजा बानो की पोस्टर की अदला-बदली भी चर्चा में रही। सभापति की सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होते ही कांग्रेस की बिना आधिकारिक घोषणा के जीवण खां ने खतीजा बानो के वार्ड 15 से उम्मीदवारी के पोस्टर जारी कर दिए थे। इसके बाद पार्षदों की लॉटरी हुई तो वार्ड 15 अनारक्षित और वार्ड 16 ओबीसी के रिजर्व हो गया। फिर खुद की उम्मीदवारी को देखते हुए जीवण खां ने पत्नी खतीजा बानो को वार्ड 16 से चुनाव लड़वाया और खुद वार्ड 15 से चुनाव लड़कर जीते। वार्ड बदलते ही विरोधी एक्टिव हुए और जीवण खां को घेरने की कोशिश की। नतीजा ये हुआ कि मतदान के दिन इस वार्ड में जमकर लट्‌ठ बजे और ईवीएम को पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में ले जाना पड़ा। सभापति पद की 2 कथित दावेदार भी हारे सीकर में सभापति पद की 2 कथित दावेदारों का हारना भी चर्चा में रहा। पूर्व सभापति विमल कुल्हरी वार्ड 50 और वार्ड 47 से रेखा चुनाव हार गईं। विमल कुल्हरी कांग्रेस के बोर्ड में तत्कालीन सभापति सलमा शेख के निधन के बाद कार्यवाहक सभापति बनी थीं। विमल को इस बार कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। निर्दलीय विमल कुल्हरी, कांग्रेस की सुभिता से 365 वोटों से हार गईं। वहीं UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा के सबसे करीबी तेजप्रकाश सैनी के भतीजे सुरेश की पत्नी रेखा सैनी भी चुनाव हार गईं। भाजपा प्रत्याशी रेखा को कांग्रेस की कोमल सैनी ने 505 वोटों से हराया। माना जा रहा था कि कांग्रेस बहुमत नहीं मिलने पर विमल कुल्हरी को सभापति का उम्मीदवार बना सकती थी। वहीं, दूसरी ओर भाजपा का बोर्ड बनने पर UDH राज्यमंत्री की पैरवी से रेखा का सभापति बनना भी तय माना जा रहा था। पंवार परिवार की लगातार 6वीं जीत सीकर शहर में पंवार परिवार की लगातार 6वीं जीत भी चर्चा में है। वार्ड19 से कांग्रेस की टिकट पर पार्षद बनीं सूबे दौलत चौथी बार पार्षद बनी हैं। सूबे दौलत के पति अब्दुल रज्जाक पंवार भी 2 बार पार्षद रह चुके हैं। जिला कांग्रेस के कई पदों पर रहे हैं। स्थानीय कांग्रेस में जीवण खां से अदावत रखने वाले गुट के पार्षदों ने सभापति पद के लिए सूबे दौलत के लिए लॉबिंग भी की थी। हालांकि बाद में सभी ने विधायक राजेंद्र पारीक की बात पर अंतिम मुहर लगाकर खतीजा बानो के लिए एकराय बना ली। 2019 के मुकाबले बीजेपी का वोट बैंक बढ़ा प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने चुनाव से करीब सालभर पहले नगर निकायों के क्षेत्र का परिसीमन किया था। सीकर नगर परिषद के परिसीमन में स्थानीय भाजपा नेताओं ने खूब हाथ-पांव मारे लेकिन इन चुनावों में भाजपा को बहुमत नहीं लगा। हालांकि भाजपा की सीटों में 5 पार्षदों की बढ़ोतरी हुई है और वोट शेयर भी 2019 के मुकाबले करीब 4 प्रतिशत बढ़ गया लेकिन बहुमत कांग्रेस को ही मिला है। सीकर के चुनाव में पार्टी की अंदरखाने गुटबंदी हावी रही और पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की अगुवाई में हुए टिकट वितरण को भाजपा वालों ने ही गुपचुप नुकसान पहुंचाया।
Read full article on Bhaskar

Related News

🤖
GoBazaar Assistant
Search listings, jobs, events & more
👋 Hi! I can help you find anything on GoBazaar.
Try asking me something like:
"Room for rent under $800 in Calgary"
Select Location
All Canada
Alberta
British Columbia
Manitoba
New Brunswick
Nova Scotia
Ontario
Quebec
Saskatchewan