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Putin Attack Europe: किन 3 देशों पर हमले की योजना बना रहा रूस, अमेरिकी जासूसों के खुलासे से पूरे यूरोप में खलबली
Putin Attack Europe: पिछले कई सप्ताह इस तरह की खबरें छनकर आ रही हैं. ब्रिटेन, इटली, स्पेन और फ्रांस समेत कई देशों पर हमला हो सकता है. ऐसे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अगले कदम को लेकर पूरा यूरोप डरा हुआ है. ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी जासूसों ने चेतावनी दी है कि पुतिन का मेडिटेरेनियन में ड्रोन हमले का प्लान है. दरअसल, रूस मालवाहक जहाजों में छिपाए गए UAVs से इटली, स्पेन और फ्रांस पर हमले की योजना बना रहा है. एक स्पेनिश अखबार ने दावा किया है कि मालवाहक जहाजों से लॉन्च किए गए अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) का इस्तेमाल करके स्पेन, फ्रांस या इटली पर हमले हो सकते हैं, ‘एल मुंडो’ के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियों ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है जिसमें छुट्टियों के लिए मशहूर जगहों के खिलाफ रूस के संभावित ऑपरेशन के बारे में चेतावनी दी गई है. ब्रिटेन भी हमले की जद में दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन की तरह जिन तीन देशों (स्पेन, फ्रांस या इटली) पर खतरा मंडरा रहा है, वे सभी रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन को सैन्य मदद दे रहे हैं. रूस पहले भी ब्रिटेन समेत कई देशों को इशारों-इशारों में इसके गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दे चुका है. सेना धमका रही लोगों को पुतिन की सेना ने यूक्रेन के ब्लैक सी रिसॉर्ट ओडेसा में समुद्र तट पर आने वाले लोगों को लगातार डराया-धमकाया है, भले ही उनके निशाने अंदरूनी इलाकों में रहे हों. अखबार ने इन दावों के पीछे के अमेरिकी अधिकारियों का नाम नहीं बताया है, लेकिन नाटो सदस्य लिथुआनिया में रक्षा क्षेत्र से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि वे समुद्र से लॉन्च किए गए और कार्गो कंटेनरों में छिपाए गए ड्रोन का इस्तेमाल करेंगे. यह बहुत मुश्किल काम नहीं है. इस योजना के तहत पुतिन के ‘गेरबेरा’ ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मालवाहक जहाजों से लॉन्च किया जा सकता है, जो शायद तट से 125 से 190 मील दूर हों. गेरबेरा की पेलोड क्षमता इतनी है कि इससे आग लग सकती है. खुले में रखे उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है या कुछ समय के लिए बंदरगाह या हवाई अड्डे को बंद करना पड़ सकता है. पिछले साल अक्टूबर में रूसी डिस्ट्रॉयर ‘वाइस एडमिरल कुलाकोव’ को चैनल में देखा गया था. कई स्तर पर दिखेगा रूस के हमलों का असर यहां पर बता दें कि किसी खास टारगेट का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन ‘संभावित असर ना केवल भौतिक, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक भी हो सकता है. यह रिपोर्ट पश्चिमी खुफिया एजेंसियों की उन चेतावनियों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि रूस कुछ महीनों के भीतर ही नाटो देशों पर सीमित हमले कर सकता है. अब तक, यह खतरा मुख्य रूप से उत्तरी यूरोप में महसूस किया गया है, जहां ड्रोन पहले ही नाटो देशों पोलैंड, रोमानिया, लिथुआनिया और लातविया – के साथ-साथ पश्चिमी देशों के समर्थक मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर चुके हैं. जर्मनी भी लीपज़िग में रूसी ड्रोन ऑपरेशन का शिकार हो चुका है. यह भी पढ़ें: Shaheen-3 vs Agni-5: पाकिस्तान की शाहीन-3 या भारत की अग्नि-5, युद्ध हुआ तो कौन पड़ेगा-किस पर भारी? कई नेताओं ने माना, यूरोप पर है खतरा सूत्रों का कहना है कि सीआईए (CIA) डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ की एक महीने पहले मॉस्को यात्रा के बाद – जब उन्होंने पुतिन के खुफिया प्रमुखों से बात की थी – यूरोपीय देशों को रूसी खतरे (जिसमें भूमध्यसागरीय क्षेत्र भी शामिल है) के बारे में चेतावनी दी गई थी. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 16 सितंबर को अपनी डिफेंस काउंसिल की बैठक बुलाई थी और दो दिन बाद उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवारों को एलिसी पैलेस बुलाया. यह भी पढ़ें: Third World War: पुतिन हमला करने को तैयार! शुरू होने वाला है तीसरा विश्व युद्ध; मार्क आलमंड के दावे से अमेरिका में भी हड़कंप पोलैंड पर हमले का खतरा उधर, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भी माना कि उन्हें यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने वाले देशों के खिलाफ रूसी हमलों की चेतावनी मिली थी. इस बीच यूरोप के खुफिया प्रमुखों ने चेतावनी दी है कि रूस नाटो की परीक्षा ले सकता है. एक अधिकारी का कहना है कि हमला कुछ ही महीनों में हो सकता है. ‘द गार्डियन’ से बात करते हुए चेक गणराज्य की BIS सुरक्षा सेवा के प्रमुख माइकल कौडेलका ने कहा कि NATO इलाके में रूस की घुसपैठ संभव है. यह भी पढ़ें: Melania Donald Trump: बाहर आ गई ड्रोनाल्ड टंप के घर की बात, मेलानिया ने पति को लेकर किया सनसनीखेज खुलासा तुरंत हमले के कोई संकेत नहीं उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ‘फॉल्स-फ्लैग’ उकसावे की कार्रवाई और प्रभाव डालने वाले अभियान सालों में नहीं, बल्कि कुछ महीनों में ही शुरू हो सकते हैं. इस बीच लातविया की सरकारी सुरक्षा सेवा VDD के महानिदेशक नोरमुंड्स मेज़विट्स ने कहा कि हालांकि मॉस्को के यूरोप में दखल बढ़ाने के स्पष्ट संकेत हैं, लेकिन एजेंसी को तुरंत हमले के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. यह भी पढ़ें: हिटलर ने की थी क्या अपनी ही भतीजी की हत्या? 95 साल बाद इतिहासकार ने किया चौंकाने वाला खुलासा
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