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राहगीरों से लूटपाट करने वाले 5 पकड़े:आरोपियों की स्विफ्ट और बाइक की कब्जे में ली; माल बरामद
टोंक की डिग्गी थाना पुलिस ने राहगीरों को रोककर डराने-धमकाने, मारपीट करने और लूटपाट करने वाली गैंग के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें 15 दिन में दो अलग-अलग वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 नाबालिग डिटेन किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दोनों वारदातों में लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया है। आरोपियों के पास से वारदात में उपयोग ली स्विफ्ट कार और मोटरसाइकिल भी जब्त की है। इस कार्रवाई में को डिग्गी थाना, मालपुरा थाना, डीएसपी कार्यालय मालपुरा और डीसीआरबी टोंक की संयुक्त विशेष टीम ने अंजाम दिया। मालपुरा डीएसपी आशीष प्रजापत ने बताया कि गत दिनों परिवादी मदन लाल बैरवा निवासी आमली पुरोहितान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने चाचा के पुत्र हेमराज के साथ ग्राम पंचाला में तारबंदी का कार्य कर मोटरसाइकिल से वापस आमली पुरोहितान जा रहा था। रात करीब 11.55 बजे जयसिंहपुरा से सोड़ा रोड के बीच तीन व्यक्तियों ने उनकी मोटरसाइकिल को रोक लिया। आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट करते हुए डराया-धमकाया और मोबाइल फोन, चांदी का कड़ा तथा मोटरसाइकिल जबरदस्ती छीनकर फरार हो गए। 30 जुलाई को स्विफ्ट कार में बैठाकर की लूट: दूसरी वारदात सोडा से जयसिंहपुरा के बीच हुई । परिवादी जीतराम घासल निवासी कठमाणा अपने दोस्त मुकेश चौधरी के साथ मोटरसाइकिल से डिग्गी आ रहा था। सोड़ा से जयसिंहपुरा के बीच उनकी मोटरसाइकिल का पेट्रोल खत्म हो गया। इसी दौरान स्विफ्ट कार में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने दोनों को कार में बैठा लिया और जयसिंहपुरा होते हुए एलएनटी रोड से गरजेडा की तरफ ले गए। वहां उन्हें डराया-धमकाया और मारपीट करते हुए दो मोबाइल फोन, चांदी का कड़ा और चांदी की अंगूठी छीन ली। आरोपियों ने परिवादी को जान से मारने की धमकी भी दी। रिपोर्ट के आधार पर थाना डिग्गी में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले: दोनों वारदातों की गंभीरता को देखते हुए टोंक एसपी रोशन मीना के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। मालपुरा ASP पुष्पेन्द्र सिंह सोलंकी के निर्देशन में और मालपुरा डीएसपी आशीष कुमार प्रजापत आरपीएस के सुपरविजन में थाना डिग्गी थानाधिकारी मन गोपाल चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने लगातार दिन-रात काम किया। इसके बाद यह सफलता मिली। टीम ने तकनीकी एवं मानवीय आसूचना का संकलन किया। पुलिस ने वारदात के संभावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा क्षेत्र में पूर्व में लूट एवं अन्य आपराधिक वारदातों में चालानशुदा आरोपियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई। अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण करने के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। इनपुट: दीपांशु पाराशर, डिग्गी।
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