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राजवी बोले-दारू की दुकान से उठाकर राजनीति में लाया था...:निर्दलीय खड़ा कर पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा, कमल का फूल ही बड़ा उम्मीदवार
चित्तौड़गढ़ पहुंचे पूर्व मंत्री नरपत सिंह राजवी ने बिना किसी का नाम लिए कहा- दारू की दुकान से उठाकर राजनीति में लाया था, सोचा था जनता का काम करेगा, लेकिन अगर गरीब के कल्याण की सोच नहीं होगी तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा- निर्दलीय खड़ा कर पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा, कमल का फूल ही सबसे बड़ा उम्मीदवार है। राजवी ने भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक ली और मीडिया से बातचीत में बिना नाम लिए कई मुद्दों पर निशाना साधा। राजवी ने टिकट वितरण, बगावत, जमीन के कारोबार, पार्टी अनुशासन और 2023 की विधानसभा हार पर भी खुलकर अपनी बात रखी। ‘निर्दलीय खड़ा कर पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा’ नरपत सिंह राजवी ने कहा- भाजपा में व्यक्ति नहीं, पार्टी और उसका चुनाव चिन्ह सबसे बड़ा है। टिकट किसी को भी मिले, कार्यकर्ताओं का काम कमल के फूल को जिताना है। मैं कभी निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा कर पार्टी को नुकसान पहुंचाने की राजनीति नहीं करूंगा। यह चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही होगी, लेकिन मैंने न पहले ऐसा किया है और न आगे करूंगा। मैं कांग्रेस जैसी राजनीति में विश्वास नहीं रखता। भाजपा के साथ था, हूं और आगे भी रहूंगा। टिकट पर बोले- मेरी राय निष्पक्ष होगी, फैसला पार्टी करेगी राजवी ने कहा- पार्टी जहां जिम्मेदारी देगी, वहां पूरी ईमानदारी से काम करूंगा। जिन नामों पर राय मांगी जाएगी, उनके बारे में निष्पक्ष सुझाव दूंगा। टिकट किसे देना है, इसका फैसला पार्टी करेगी। किसी व्यक्ति के कहने से टिकट नहीं मिलता और न किसी के आने से टिकट तय होता है। मेरा किसी से व्यक्तिगत लगाव या नाराजगी नहीं है, इसलिए जीतने वाले उम्मीदवार के पक्ष में राय दूंगा। ‘ना प्लॉट खरीदना है, ना प्लॉट बेचना है’, बोले- किसी से डर नहीं राजवी ने कहा- मेरी राजनीति का जमीन के कारोबार या किसी निजी फायदे से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे यहां न प्लॉट खरीदना है और न प्लॉट बेचना है। इसलिए मुझे किसी से डर नहीं है। मैं कालिका माता और सांवलिया जी से ही डरता हूं और खुलकर काम करूंगा। मेरी विचारधारा कांग्रेस जैसी नहीं है और मैं किसी तरह की मिलीभगत की राजनीति में विश्वास नहीं करता। कांग्रेस की छाती पर तो मूंग मैं ही डलूंगा। बागियों पर बोले- पार्टी का विरोध करने वाला भाजपा का नहीं राजवी के अनुसार- पार्टी का विरोध करने वाला भाजपा का नहीं हो सकता। कोई ईमानदारी से पार्टी में काम करना चाहता है तो उसका स्वागत है, लेकिन बार-बार बगावत कर फिर पार्टी में लौटना सही नहीं है। कांग्रेस हो या कोई व्यक्ति, पार्टी के चुनाव चिन्ह का विरोध करने वालों का भाजपा कार्यकर्ता विरोध करेंगे। पार्टी सबसे ऊपर है और सभी को अनुशासन में रहकर काम करना चाहिए। विधायक से बात नहीं हुई, बोले- भाजपा के साथ रहने वालों के साथ रहूंगा स्थानीय विधायक से रिश्तों पर राजवी ने कहा- अभी तक विधायक से मेरी कोई बातचीत नहीं हुई है। इससे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि फैसला पार्टी करती है। जो भाजपा के साथ रहेगा, उसके साथ मैं भी खड़ा रहूंगा। राजनीति किसी व्यक्ति के आधार पर नहीं चलेगी। परिषद चुनाव में मेरे समर्थकों को दरकिनार किए जाने की बातें सिर्फ चर्चाएं हैं। टिकट पार्टी देती है, कोई व्यक्ति नहीं। चुनाव तक चित्तौड़गढ़ में रहकर लेंगे वार्डों का फीडबैक राजवी ने बताया- निकायों के पुनर्गठन के बाद कई वार्डों की सीमाएं बदली हैं और ग्रामीण क्षेत्र भी जुड़े हैं। पिछले कुछ महीनों से चित्तौड़गढ़ नहीं आ सका, इसलिए अब खुद सभी वार्डों की स्थिति समझूंगा। बीच में एक-दो दिन के लिए बाहर जाऊंगा, फिर वापस आकर चुनाव तक सक्रिय रहूंगा। 2023 की हार पर बोले- व्यक्तिगत नहीं, पार्टी की हार थी राजवी ने कहा- 2023 की विधानसभा चुनाव की हार मेरी व्यक्तिगत हार नहीं, बल्कि पार्टी की हार थी। विकास कार्यों के बावजूद भाजपा चुनाव नहीं जीत सकी, इसलिए संगठन और व्यवस्था में कहीं न कहीं कमी रही होगी। राजनीति में चापलूसी नुकसान पहुंचाती है। मैंने हमेशा मर्यादा में रहकर चुनाव लड़ा है, वोट के लिए गलत तरीके नहीं अपनाए और आगे भी इसी सिद्धांत पर राजनीति करूंगा।
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