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रिटायर्ड अफसर को 165 दिन डिजिटल-अरेस्ट रख ऐंठे 66 लाख:ATS और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर वसूले; यूपी से पकड़ा आरोपी
रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट और एटीएस (ATS) का खौफ दिखा डिजिटल अरेस्ट रख 66 लाख रुपए ऐंठने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने साइबर फ्रॉड से जुड़ी गैंग के साथ मिलकर 165 दिनों तक बुजुर्ग शिक्षा अधिकारी को बंधक बनाकर रखा और मानसिक तौर पर टॉर्चर करते रहे। बदले में वसूले गए रुपए को अलग-अलग फर्म बनाकर खुलवाए गए एकाउंट्स से कैश करवाया गया था। भरतपुर की साइबर थाना पुलिस ने आरोपी ओमपाल(35) को संभल (उत्तरप्रदेश) से रविवार को गिरफ्तार किया। हालांकि मामले में 3 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। अगस्त 2025 में आया था पहला कॉल एसपी राजेश मीणा ने बताया कि पीड़ित रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी ने 2 फरवरी 2026 को साइबर थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि 17 अगस्त 2025 को पीड़ित के पास एक अज्ञात फोन आया। बातचीत के दौरान ठगों ने धीरे-धीरे उनके आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपियों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर पीड़ित को फोन किया। ठगों ने झूठा दावा किया कि उन्होंने एक अपराधी को पकड़ा है, जिसके पास से शिक्षा अधिकारी के दस्तावेज मिले हैं। अकाउंट वेरिफिकेशन कर तीन बार वसूले 66 लाख रुपए पीड़ित को डरा-धमकाकर ठगों ने उनके बैंक अकाउंट की पूरी डिटेल हासिल कर ली और अकाउंट में मौजूद पैसों के 'वेरिफिकेशन' की मांग की। जब शिक्षा अधिकारी ने इनकार किया, तो आरोपियों ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाया और गिरफ्तारी की धमकी देकर 165 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान शातिर अपराधियों ने पीड़िता से तीन किस्तों में 22 लाख, 35 लाख और 6 लाख रुपए सहित कुल 66 लाख रुपए खुद के अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने 2 फरवरी को करवाया मामला दर्ज एसपी राजेश मीणा ने बताया कि जनवरी 2026 में पीड़ित रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी ने समाचार पत्रों में 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़ी एक खबर पढ़ी। इसके बाद जब उन्होंने आरोपियों से सवाल-जवाब करना शुरू किया, तो उन्हें खुद के साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद 2 फरवरी को उन्होंने साइबर थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और कॉल डिटेल के साथ- साथ बैंक अकाउंट ट्रांजेक्शन को ट्रेक किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ओमपाल(35) निवासी संभल, उत्तर प्रदेश ने कंस्ट्रक्शन की एक फर्जी फर्म बनवाकर बैंक अकाउंट खुलवाया, जिसमें बुजुर्ग से ठगे गए 22 लाख रुपए कैश करवाए गए। इसके बाद पुलिस ने ओमपाल को यूपी के संभल से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि मामले में 3 आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल आरोपी ओमपाल से पूछताछ की जा रही है। साथ ही गैंग के दूसरे सदस्यों को लेकर भी जांच की जा रही है।
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