crime
सिबिल सुधार के लालच में लोन फ्रॉड:150 पीड़ित सामने, पुलिस अब दुकानों और फाइनेंस कंपनियों की भूमिका जांचेगी
दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में सामने आए कथित लोन फ्रॉड मामले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक करीब 150 पीड़ित सामने आ चुके हैं, जिनमें दुर्ग के अलावा बालोद और बेमेतरा जिले के लोग भी शामिल हैं। एक मूक-बधिर युवक की नई शिकायत के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन इलेक्ट्रॉनिक दुकानों और फाइनेंस संस्थानों की भूमिका भी जांचना शुरू कर दिया है, जहां से सामान फाइनेंस कराए गए थे। पुलिस के अनुसार, लोगों को आसान लोन, कम किस्त, अतिरिक्त कमाई और CIBIL स्कोर सुधारने का कथित लालच दिया जाता था। उनके नाम पर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराने के बाद सामान आरोपियों के कब्जे में चले जाने के आरोप हैं। मूक-बधिर युवक के नाम पर हुआ 44,600 रुपए का AC फाइनेंस 20 अगस्त 2026 को रायपुर निवासी मनीष कुमार पांडे (36) अपने भाई शुभम पांडे के साथ पद्मनाभपुर थाने पहुंचे। मनीष मूक-बधिर हैं और शिकायत दर्ज कराने में उनके भाई ने दुभाषिए के रूप में मदद की। शिकायत में शेखर देशमुख, अनुराग देशमुख और ऋषभ शर्मा पर आरोप लगाए गए हैं। मनीष के मुताबिक आरोपियों ने लोन का CIBIL स्कोर बढ़ाने, कमाई और कमीशन मिलने का लालच दिया। इसके बाद महाराजा चौक स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान से उनके नाम पर AC फाइनेंस कराया गया। आवेदन में होम क्रेडिट फाइनेंस से करीब 44,600 रुपए का आठ माह का फाइनेंस होने का उल्लेख है। पीड़ित का आरोप है कि फाइनेंस प्रक्रिया उसकी पूरी जानकारी और सहमति के बिना OTP के जरिए पूरी की गई और उसका मोबाइल आरोपियों के पास था। AC नहीं मिला, खाते से कटने लगी EMI शिकायत के अनुसार, फाइनेंस कराया गया AC आरोपी अपने साथ ले गए, जबकि लोन मनीष के नाम पर रहा। शुरुआत में कुछ समय तक किस्तें जमा कराई गईं, जिससे पीड़ित को भरोसा रहा कि आगे भी आरोपी ही भुगतान करेंगे। बाद में किस्तें बंद हो गईं और फाइनेंस कंपनी ने भुगतान के लिए पीड़ित से संपर्क किया। आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद आरोपियों ने भुगतान नहीं किया, जिसके बाद मनीष को कुछ EMI खुद भरनी पड़ी। धमकी और दबाव के भी आरोप शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब पीड़ितों ने लोन और सामान के संबंध में आरोपियों से सवाल किए, तो उन्हें कथित रूप से धमकाया गया। कुछ लोगों से लोन की रकम का दबावपूर्वक सेटलमेंट कराने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद होगी। अब दुकानों और फाइनेंस संस्थानों की भूमिका भी जांच के दायरे में डीआईजी एवं दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, मुख्य ट्रांजैक्शन दुर्ग जिले में होने के कारण अपराध यहां दर्ज किए गए हैं। जांच के लिए सीएसपी दुर्ग के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अब बैंक खातों के स्टेटमेंट, लेनदेन और आरोपियों के बीच हुई बातचीत के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फाइनेंस की प्रक्रिया में संबंधित दुकानों या संस्थानों की कोई भूमिका थी या नहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी दुकान या फाइनेंस संस्था की आपराधिक भूमिका साबित नहीं हुई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। 150 तक पहुंची शिकायतें, बढ़ सकता है मामला करीब एक महीने पहले 100 से अधिक शिकायतें सामने आई थीं, जो अब बढ़कर करीब 150 प्रार्थियों तक पहुंच गई हैं। पुलिस सभी शिकायतों का मिलान कर यह पता लगा रही है कि कितने लोगों के नाम पर लोन कराया गया, कितने इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस हुए और कुल कितनी रकम का कथित लेनदेन हुआ। शिकायतों के मुताबिक, शुरुआत में कुछ EMI जमा कर लोगों का भरोसा जीता जाता था। बाद में भुगतान बंद होने पर फाइनेंस कंपनियां सीधे उस व्यक्ति से वसूली के लिए संपर्क करती थीं, जिसके नाम पर लोन था। मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा कर चुका है सरेंडर मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आए ऋषभ शर्मा ने 24 जुलाई को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, पासबुक, चेकबुक तथा मोबाइल खरीद से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। अब पुलिस बैंकिंग और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पीड़ितों के नाम पर लिए गए लोन की रकम, इलेक्ट्रॉनिक सामान और उनकी बिक्री से प्राप्त पैसा आखिर किन लोगों और खातों तक पहुंचा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कम EMI, आसान लोन या CIBIL स्कोर सुधारने के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को आधार, पैन, बैंक स्टेटमेंट या OTP जैसी जानकारी न दें और फाइनेंस प्रक्रिया केवल अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही पूरी करें।
Read full article on Bhaskar