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सुगम परिवहन सेवा पर PCC चीफ का सीएम को पत्र:1500 बसें चलाने का दावा किया, दिखीं 351... वो भी पुरानी बसों पर भगवा लीपापोती की गई
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर योजना में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि यदि वे इस कथित फ्रॉड में शामिल नहीं हैं तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस जनता के साथ हुए कथित फ्रॉड की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराएगी। पटवारी ने पत्र में कहा कि प्रदेश को सुगम बस सेवा की जरूरत है, लेकिन 15 हजार बसों की योजना की शुरुआत ही जालसाजी से हुई। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में हुए शुभारंभ कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर कथित फ्रॉड सामने आया। पटवारी का दावा है कि सरकार ने 1500 बसों के संचालन की बात कही, जबकि सरकारी आंकड़ों में 351 बसें ही दिखाई गईं। हालांकि उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के मुताबिक योजना के पहले चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाई गई और शुरुआती चरण में करीब 1500 बसों के संचालन का लक्ष्य बताया गया था। पुरानी बसों पर भगवा रंग करने का आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित भगवा रंग की बसें वास्तव में पुरानी बसें थीं, जिन पर केवल लीपापोती कर उन्हें प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि हरी झंडी दिखाने के बाद जब बसें सड़कों पर उतरीं तो उनकी हालत सामने आने लगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि कई बसें फिटनेस से बाहर हो चुकी हैं और नौकरशाही ने बस मालिकों की पुरानी बसों पर भगवा रंग करवाकर उन्हें कार्यक्रम स्थल पर खड़ा कराया। इंदौर हादसे का भी किया जिक्र पटवारी ने पत्र में इंदौर में बस के ब्रेक फेल होने की घटना का भी उल्लेख किया है। उन्होंने इसे बसों की कथित खराब स्थिति का उदाहरण बताया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 27 सितंबर को इंदौर में मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की एक इलेक्ट्रिक बस के ब्रेक फेल होने से हादसा हुआ था। प्रचार पर खर्च को लेकर भी सवाल पटवारी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रचार पर इतना अधिक खर्च किया गया कि उस राशि से कई नई बसें खरीदी जा सकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने बस मालिकों की पुरानी बसों को कार्यक्रम स्थल पर खड़ा करवाया। पत्र में पटवारी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल नहीं हैं तो दोषी नौकरशाही के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मौन रहने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी जनता के साथ हुए इस कथित फ्रॉड की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराएगी। क्या है सरकार की योजना मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को भोपाल में किया गया था। पहले चरण में सात शहरों के लिए 351 बसें रवाना की गईं। सरकार ने शुरुआती चरण में करीब 1500 बसें चलाने और वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य बताया है।
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