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सहारनपुर के किसानों ने उपजाऊ जमीन अधिग्रहण का विरोध किया:DM से बोले- पुराने रेट पर जमीन नहीं देंगे, उचित मुआवजा मिले
सहारनपुर में जिला जेल बनाने के लिए कृषि भूमि चिन्हित किए जाने की खबर के बाद देवबंद तहसील के गांव डंगेड़ा, परगना नागल के किसान नाराज हैं। शुक्रवार दोपहर दो बजे ग्रामीण डीएम ऑफिस पहुंचे। उन्होंने अपनी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं करने की मांग को लेकर एक आवेदन दिया। किसानों का कहना है कि करीब नौ साल पहले जेल बनाने के लिए जमीन देने को लेकर शपथ पत्र लिए गए थे। लेकिन, उसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। अब उन्हें दोबारा उनकी जमीन चिन्हित किए जाने की जानकारी मिल रही है। गांव डंगेड़ा निवासी कपिल त्यागी ने बताया कि करीब नौ साल पहले जमीन अधिग्रहण की बात सामने आई थी। उस समय किसानों को जमीन का करीब 2.76 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा मिलने की बात कही गई थी। अब आसपास की जमीनों के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। किसानों के मुताबिक, क्षेत्र में जमीन के भाव करीब 40 लाख रुपये प्रति बीघा तक चल रहे हैं। कुछ जगहों पर इससे ज्यादा कीमत में भी जमीन के सौदे हो रहे हैं। ऐसे में पुराने रेट पर जमीन देना किसानों के लिए बड़ा नुकसान होगा। किसानों ने कहा कि उनकी ज्यादातर जमीन ही परिवार की रोजी-रोटी का जरिया है। अगर जमीन चली गई, तो उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करने का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि जेल बनाने के लिए जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया में अब तक उनसे साफ तौर पर बातचीत नहीं की गई है। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि किन किसानों के खसरा नंबर अधिग्रहण के दायरे में आएंगे। किसान नेता अर्जुन सिंह त्यागी ने कहा कि प्रशासन को गांव में बैठक कर किसानों को पूरी जानकारी देनी चाहिए। किसानों को लिखित रूप से बताया जाए कि किन नंबरों की जमीन ली जाएगी और किस दर से मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को गुमराह करने के बजाय पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जानी चाहिए। त्यागी ने मांग की कि जमीन के मौजूदा उचित मूल्य के आधार पर मुआवजा दिया जाए। साथ ही,जमीन पर खड़े पेड़ और दूसरी संपत्तियों का भी नियमों के मुताबिक मुआवजा किसानों को मिले।
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