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सहारनपुर में 4.10 करोड़ की स्मैक पकड़ी...दो अरेस्ट:दोनों के पास मिली 804 ग्राम स्मैक, एक आरोपी पर पहले भी मुकदमा
सहारनपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बेहट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 804 ग्राम अवैध स्मैक पाउडर बरामद किया है। पुलिस के अनुसार बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4 करोड़ 10 लाख रुपये है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बोलेरो कार, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ बेहट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। एसपी देहात के मुताबिक, 16 अगस्त को थाना बेहट पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से नशा तस्करों के संबंध में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने गंदेवड़ अड्डे से चिलकाना की ओर जाने वाले रास्ते पर चेकिंग शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया। उनकी तलाशी लेने पर कुल 804 ग्राम स्मैक पाउडर बरामद हुआ। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बोलेरो कार नंबर UP17H2298, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तालिब पुत्र सलीम उर्फ सालिम निवासी ग्राम असगरपुर, थाना मिर्जापुर और अमित उर्फ अनित पुत्र कटार सिंह निवासी ग्राम बुठेडा, थाना सरसावा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तालिब का पहले से आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ थाना मिर्जापुर में एनडीपीएस एक्ट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2021 के दो और 2025 का एक मुकदमा शामिल है। वहीं अमित उर्फ अनित के खिलाफ भी थाना सरसावा में एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा उसके खिलाफ 2019 में मारपीट, घर में घुसने, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बेहट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नशे की खेप के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक कहां से लेकर आए थे और इसे आगे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। साथ ही नशे के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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