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सहरिया महिलाओं के उत्पाद डी-मार्ट में बिकने लगे:बारां स्टोर से बिक्री शुरू, हाड़ौती के सभी स्टोर्स में जल्द मिलेंगे
सहरिया महिलाओं के वनोपज आधारित उत्पादों की बिक्री बारां के डी-मार्ट स्टोर से शुरू हो गई है। जल्द ही हाड़ौती के सभी डी-मार्ट स्टोर्स में भी ये उत्पाद मिलेंगे। यह पहल जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा के निर्देशन में जनजाति विभाग, केवीके अंता और राजीविका के संयुक्त प्रयासों से चल रही है। खुशालपुरा में चिरौंजी प्रसंस्करण इकाई, केवीके में शहद प्रसंस्करण इकाई और जिला मुख्यालय पर ग्राम श्री मार्ट बनाया गया है। यहां धनिया, मिर्च, हल्दी, मसाले, अचार, आंवला कैंडी, चिरौंजी और शहद की ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर बाजार से जोड़ा जा रहा है। जिला परियोजना प्रबंधन इकाई राजीविका के मुताबिक, मिशन के तहत अब तक करीब 77 लाख रुपए की बिक्री हुई है। जिले में 80 वन धन विकास केंद्र चल रहे हैं। इनसे हर महीने करीब 72 लाख रुपए की स्थायी बाजार मांग बनी है। पहले सहरिया महिलाओं की आय 200 रुपए प्रतिदिन तक थी। अब सक्रिय महिला उद्यमी हर महीने 8,000 से 10,000 रुपए कमा रही हैं। वर्ष 2026-27 में बिक्री 2 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए 1 करोड़ रुपए की मशीनरी, 217 स्वयं सहायता समूहों को 10 करोड़ रुपए का रियायती ऋण और 957 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए 8 करोड़ रुपए की सहायता दी जाएगी।
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