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स्कूल के हॉस्टल में दो छात्रों की मौत हुई थी:दादा ने दर्ज कराई शिकायत, एडी शिक्षा ने दिए जांच के आदेश
बांदा के बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत हो गई थी। बुधवार शाम करीब 6 बजे मृतक छात्र अरुण कुमार के दादा ने विद्यालय प्रबंधन और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी। वहीं, अपर शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पेट दर्द के बाद बिगड़ी थी छात्र की हालत महेंदू गांव के दो बच्चे अरुण (9) और उत्कर्ष (13) 22 अप्रैल 2026 से इसी आवासीय विद्यालय में पढ़ रहे थे। शिकायत के मुताबिक, 16 अगस्त की रात करीब 8 बजे खाना खाने के बाद अरुण पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान उसके पेट में अचानक तेज दर्द हुआ और उसकी हालत बिगड़ने लगी। उत्कर्ष ने वहां मौजूद शिक्षक आशीष कुमार को छोटे भाई की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। आरोप है कि उसने परिजनों को सूचना देने और तत्काल इलाज कराने का अनुरोध भी किया, लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने समय पर परिजनों को सूचना नहीं दी और अरुण को तत्काल प्राथमिक उपचार भी नहीं मिला। जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर अरुण को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके भाई उत्कर्ष ने फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। प्रबंधक पर सूचना देने से रोकने का आरोप अरुण के दादा ने तहरीर में आरोप लगाया है कि शिक्षक आशीष ने उन्हें बताया था कि विद्यालय प्रबंधक ओमप्रकाश कुशवाहा ने परिजनों को सूचना देने से मना किया था। उन्होंने विद्यालय में छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। दादा ने प्रबंधक और अन्य स्टाफ को अरुण की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, छात्र की मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बीएसए को जांच के आदेश मामले में अपर शिक्षा निदेशक (एडी शिक्षा) ने बीएसए को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दो छात्रों की मौत के बाद बंद कराया गया था विद्यालय बता दें कि इसी आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत के बाद प्रशासन ने विद्यालय बंद करा दिया था। खाद्य विभाग की टीम ने विद्यालय से भोजन के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अब परिजन की तहरीर और शिक्षा विभाग की जांच के आदेश के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है। छात्रों की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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