top
साक्ष्यों की अनदेखी और मनगढ़ंत निष्कर्षों को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट कर सकता है उत्प्रेषण रिट क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निचली अर्ध-न्यायिक संस्थाओं के आदेश विकृत (perverse) हों, अनुमानों पर आधारित हों या रिकॉर्ड पर मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को पूरी तरह नजरअंदाज करके दिए गए हों, तो हाईकोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत अपने पर्यवेक्षी क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करते हुए उन्हें रद्द कर [...]
Read full article on Law Trend - Legal News Network