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समझौता ना एफिडेविट...दिग्विजय भाटी के फिर दो वीडियो वायरल:बोले- गन प्वाइंट पर कचहरी ले गए, कोरे कागज पर साइन कराए, महिला का जिक्र
भारतीय किसान यूनियन (डॉ. बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व किसान नेता डॉ. दिग्विजय भाटी के मंगलवार को दो वीडियो सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुए। दोनों वीडियो में दिग्विजय भाटी ने मेरठ के पूर्व एसएसपी अविनाश पांडे से जुड़े प्रकरण में किसी भी तरह का समझौता करने और एफिडेविट देने से इनकार किया है। दो मिनट के पहले वीडियो में वह कचहरी परिसर में कोर्ट के बाहर दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरे करीब तीन मिनट आठ सेकंड के वीडियो में उन्होंने वायरल ऑडियो और कथित समझौते को लेकर अपने ऊपर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पहला वीडियो में समझौते की बात नकारी करीब दो मिनट के वीडियो में दिग्विजय भाटी कचहरी परिसर में किसी कोर्ट के बाहर खड़े दिखाई देते हैं। वह कहते हैं कि पूर्व एसएसपी अविनाश पांडे से जुड़े मामले में न तो उन्होंने कोई समझौता किया है और न ही कोई एफिडेविट दिया है। उन्हें षड्यंत्र के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। समझौते को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। 15 पुलिसकर्मियों पर दायर किया परिवाद दिग्विजय भाटी ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे समाज का सिर झुके। वीडियो में वह बताते हैं कि अधिवक्ता संजीव गुर्जर और कुशल कुमार के माध्यम से पूर्व एसएसपी अविनाश पांडे समेत करीब 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। वह न्यायालय पर भरोसा जताते हुए कहते हैं कि उन्हें अदालत से न्याय की पूर्ण उम्मीद है। एक महीने बाद भी भाई के बयान दर्ज नहीं वीडियो में दिग्विजय भाटी दावा करते हैं कि घटना को करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक उनके भाई के बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। किसी का नाम लिए बिना वह कहते हैं कि उन्हें चारों तरफ से फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपनी जान को खतरा होने का भी दावा किया। कहा- उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और घर के आसपास भी पहरा है। वीडियो में वह प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से भावुक अपील करते दिखाई देते हैं। दूसरा वीडियो : गन प्वाइंट पर तैयार किया मामला दिग्विजय भाटी का दूसरा वीडियो करीब तीन मिनट आठ सेकंड का है। इसमें वह उस वायरल ऑडियो का जिक्र करते दिखाई देते हैं, जिसमें कथित समझौते के नाम पर लेनदेन की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। दिग्विजय भाटी का आरोप है कि वायरल ऑडियो और समझौते से जुड़ी पूरी कहानी उनसे गन प्वाइंट पर दबाव बनाकर और उनके परिवार को परेशान करके तैयार कराई गई। उन्होंने प्रदीप, अनिल, अखिलेश गौड़ और उनकी टीम पर घर के आसपास मंडराने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। बंद कचहरी ले गए, कोरे कागज पर साइन कराये दिग्विजय भाटी दूसरे वीडियो में एक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताते हैं कि 7 सितंबर को उन्हें कचहरी लाया गया था। उनके अनुसार उस समय कचहरी बंद हो चुकी थी। उनका आरोप है कि वहां उनसे एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए।इसके बाद उन्हें सहारनपुर ले जाने का दावा करते हुए दिग्विजय भाटी कहते हैं कि वहां एक महिला से उनके हाथ से एफिडेविट दिलाया गया। उनका आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई गन प्वाइंट पर दबाव बनाकर कराई गई। समाज का सिर झुके, ऐसा कोई काम नहीं दोनों वीडियो में दिग्विजय भाटी का जोर इस बात पर है कि उन्होंने पूर्व एसएसपी अविनाश पांडे से जुड़े प्रकरण में न तो समझौता किया और न ही अपनी ओर से कोई एफिडेविट दिया। पहले वीडियो में वह अपने खिलाफ फैल रही अफवाहों को साजिश बताते हैं, जबकि दूसरे वीडियो में कथित समझौते और वायरल ऑडियो के पीछे दबाव बनाए जाने का आरोप लगाते हैं।
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