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समान काम, समान वेतन की बदलती कसौटी
सौरभ वार्ष्णेय सदी बदल गई है, लेकिन समानता का सवाल आज भी उतना ही प्रासंगिक है। फर्क सिर्फ इतना आया है कि अब समानता को देखने का संवैधानिक चश्मा पहले की तुलना में अधिक बारीक हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी ने इसी बदलाव को रेखांकित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ... The post समान काम, समान वेतन की बदलती कसौटी appeared first on Ravivar Delhi .
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