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स्वामी नारायण मंदिर गिरने से आसपास के भवनों में कंपन:प्रयागराज मेयर ने MNNIT-IIIT टीम से जांच के दिए निर्देश
प्रयागराज के.पी. कॉलेज के सामने स्थित स्वामी नारायण मंदिर की इमारत गिरने के बाद रविवार को मेयर गणेश केसरवानी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद आशीष द्विवेदी और स्थानीय नागरिकों ने मेयर को बताया कि मंदिर की इमारत गिरने के समय आसपास की कई इमारतों में तेज कंपन महसूस किया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों में अपनी इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। नागरिकों की इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए मेयर गणेश केसरवानी ने मौके से ही जिलाधिकारी प्रयागराज से फोन पर बात की। उन्होंने आसपास की इमारतों की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए। मेयर ने कहा कि इसके लिए MNNIT और IIIT के विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम को बुलाकर आसपास की इमारतों का निरीक्षण कराया जाए। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि मंदिर की इमारत गिरने के कारण आसपास की संरचनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है या नहीं। मेयर ने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी इमारत में संरचनात्मक कमी या खतरे की स्थिति सामने आती है, तो उसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। महापौर ने स्पष्ट किया कि इमारत गिरने के कारणों की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ आसपास की इमारतों की मजबूती की जांच भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद आशीष द्विवेदी के साथ कमलेश, अतुल मल्होत्रा, अंकुर गोयल, विनीत, राम गोपाल शुक्ला, विवेक मिश्रा, दिव्यांशु शुक्ला, कानूनगो मनोज त्रिपाठी, लेखपाल प्रियंका पालीवाल, राकेश श्रीवास्तव सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
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