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सावरकर प्रश्न पर शिक्षक निलंबित, शैक्षिक महासंघ का विरोध:सलूंबर में जिलाध्यक्ष हिमांशु भट्ट ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, बहाली की मांग
केरल के कासरगोड जिले में स्कूल स्तर पर आयोजित सोशल साइंस फ्रीडम क्विज में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर से जुड़ा सवाल पूछने पर शिक्षक गुरु प्रसाद निलंबन कर दिया गया था। निलंबन के विरोध में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की सलूंबर जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष हिमांशु भट्ट के नेतृत्व में महासंघ से जुड़े शिक्षक एवं पदाधिकारियों ने सलूंबर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और केरल के मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया। इसमें निलंबित शिक्षक गुरु प्रसाद को तत्काल बहाल कर सम्मानपूर्वक सेवा में वापस लेने की मांग की गई। ऐतिहासिक व्यक्तित्व से सवाल पूछना गलत नहीं महासंघ ने कहा कि किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व से संबंधित प्रश्न पूछने मात्र पर शिक्षक के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई उचित नहीं है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की। जिलाध्यक्ष हिमांशु भट्ट ने कहा कि वीर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं। उनके जीवन, संघर्ष और ब्रिटिश शासन के दौरान कारावास से जुड़े तथ्य इतिहास का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व के विचारों से सहमति या असहमति हो सकती है, लेकिन विद्यार्थियों को इतिहास के विभिन्न पक्षों से अवगत कराना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। राजनीतिक दबाव से मुक्त माहौल की मांग भट्ट ने कहा कि शिक्षकों को राजनीतिक दबाव से मुक्त वातावरण में काम करने का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में सवाल पूछने, तर्क करने और ऐतिहासिक तथ्यों को समझने की क्षमता विकसित हो। महासंघ ने कहा कि इतिहास को राजनीतिक दृष्टिकोण के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर पढ़ाया जाना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षक की शैक्षणिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई।
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