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सवर्ण महासम्मेलन में आरक्षण संशोधन और आयोग गठन की मांग:आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने और SC-ST एक्ट में बदलाव पर जोर
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित रामलीला मैदान में सवर्ण महासम्मेलन हुआ। इसमें आरक्षण व्यवस्था में बदलाव, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने और सवर्ण आयोग बनाने समेत कई सामाजिक मुद्दे उठाए गए। सम्मेलन में वक्ताओं ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समानता और अधिकारों के लिए कदम उठाने की मांग की। आयोजकों ने इसे गैर-राजनीतिक और सर्व समाज के हितों से जुड़ा सम्मेलन बताया। आरक्षण व्यवस्था पर वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा नियमों की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाने और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर जरूरी बदलाव करने की मांग की। सवर्ण समाज की समस्याओं और अधिकारों के लिए अलग आयोग बनाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में यूजीसी से जुड़े नियमों पर भी बात हुई। वक्ताओं ने इन नियमों में बदलाव और सवर्ण समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों की समीक्षा की मांग की। इसके साथ ही एससी-एसटी एक्ट के कथित गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने और इसमें जरूरी संशोधन करने की मांग भी उठाई गई। सम्मेलन के वक्ता नीतीश पांडे ने बताया कि यह कार्यक्रम सवर्ण समाज के सामाजिक हितों और विभिन्न मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सामाजिक कार्यक्रम था, जिसमें सवर्ण समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने सरकार से सभी वर्गों के हितों और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए इन विषयों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। वक्ता रचना तिवारी ने कहा कि देश में ओबीसी और सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों पर समितियों के गठन और उनके फैसलों को लेकर समाज में चर्चा है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी से जुड़े नियमों और सामान्य वर्ग के विषयों पर अपनी चिंताएं जताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से समाधान की मांग की। आयोजकों ने साफ किया कि यह महासम्मेलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं किया गया था।इसका उद्देश्य सामाजिक मुद्दों को मंच प्रदान करना और सर्व समाज के अधिकारों एवं समानता से जुड़े विषयों पर चर्चा करना है।
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