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शिक्षा के क्षेत्र में विकास को मिलेगी नई-रफ्तार,कुलपति ने रखी-आधारशिला:बेतिया में स्टूडेंट्स को मिले इंटर्नशिप लेटर, अम्मा ट्रस्ट की ओर से संचालित हैं दोनों संस्थान
पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड के झखरा स्थित ईश्वर शांति महाविद्यालय एवं ईश्वर शांति लॉ कॉलेज में शनिवार को शिलान्यास एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश चंद्र राय ने महाविद्यालय के निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखी। इस भवन के बनने से कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। समारोह में विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्रमाणपत्र बांटे गए। साथ ही महाविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। अम्मा ट्रस्ट की ओर से संचालित दोनों शिक्षण संस्थानों में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग, महाविद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थी शामिल हुए। कुलपति के हाथों प्रशासनिक भवन का शिलान्यास होने पर संस्थान परिवार में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में शिक्षा के विस्तार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। प्रशासनिक कामकाज के लिए बनेगा अलग भवन महाविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निर्माण संस्थान के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभी कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रशासनिक कामकाज भी संचालित होते हैं। ऐसे में अलग प्रशासनिक भवन बनने से कॉलेज के जरूरी कामकाज को व्यवस्थित करने में सहूलियत होगी। विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। नौतन प्रखंड के झखरा जैसे ग्रामीण इलाके में महाविद्यालय और लॉ कॉलेज का संचालन स्थानीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम है। आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और विधि की पढ़ाई के लिए बेहतर संस्थान मिलना उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। प्रशासनिक भवन का निर्माण इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के प्रमाणपत्र दिए समारोह के दौरान विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इंटर्नशिप के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। इससे उन्हें अपने विषय की जानकारी को वास्तविक कामकाज से जोड़ने में मदद मिलती है। प्रमाणपत्र मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह दिखा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों और उनके व्यावहारिक अनुभवों को भी महत्व दिया गया। इसके अलावा महाविद्यालय की स्मारिका का विमोचन किया गया। इसमें संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और अब तक की विकास यात्रा को शामिल किया गया है। स्मारिका के माध्यम से संस्थान की ओर से किए गए प्रयासों और शैक्षणिक क्षेत्र में उसकी भूमिका को सामने लाने की कोशिश की गई है। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान से जुड़े लोगों को कॉलेज की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी मिलेगी। शिक्षा के विस्तार और बेहतर सुविधाओं पर जोर कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों की भागीदारी ने आयोजन को खास बनाया। इस दौरान उच्च शिक्षा के विस्तार, शिक्षण संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और विद्यार्थियों को किताबी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान देने के महत्व को रेखांकित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शैक्षणिक संस्थान होने से स्थानीय विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए अवसर मिलते हैं। खासकर विधि शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। समारोह में विश्वविद्यालय के कॉलेज निरीक्षक राजीव कुमार, पूर्व प्रॉक्टर डॉ. रविंद्र कुमार चौधरी, जदयू नेता डॉ. एनएन शाही, डॉ. सुशील प्रसाद चौधरी और महाविद्यालय के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र शरण सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संपादकीय सुझाव: खबर को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासनिक भवन की लागत, निर्माण पूरा होने की समय-सीमा, भवन में बनने वाले कमरों और इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी मिल जाए तो इन्हें भी शामिल किया जा सकता है। इससे खबर में ठोस जानकारी और स्थानीय पाठकों के लिए उपयोगिता बढ़ेगी।
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