business
शामली में थानाभवन चीनी मिल पर 103.52 करोड़ बकाया:DM ने जताई नाराजगी, 15 अक्टूबर तक नई पेराई शुरू करने के निर्देश
शामली में थानाभवन चीनी मिल की ओर से गन्ना किसानों के भुगतान में देरी पर जिलाधिकारी आलोक यादव ने कड़ी नाराजगी जताई है। पेराई सत्र 2025-26 का मिल पर अभी 103.52 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। जिलाधिकारी ने मिल प्रबंधन को तत्काल शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान में लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में जिले की तीनों चीनी मिलों—शामली, ऊन और थानाभवन—के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। इसमें पेराई सत्र 2025-26 के गन्ना मूल्य भुगतान, आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों और चीनी स्टॉक की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि थानाभवन चीनी मिल को कुल 301.60 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान करना था। इसमें से अब तक 198.08 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए हैं, जबकि 103.52 करोड़ रुपये अभी बकाया हैं। इसके विपरीत शामली चीनी मिल ने 323.19 करोड़ रुपये और ऊन चीनी मिल ने 267.03 करोड़ रुपये का पूरा गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है। भुगतान में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं डीएम आलोक यादव ने कहा कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय से मिलना बेहद जरूरी है। भुगतान में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने थानाभवन मिल प्रबंधन को बकाया राशि का शत-प्रतिशत भुगतान जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 15 अक्टूबर तक शुरू हो नया पेराई सत्र बैठक में आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। डीएम ने तीनों चीनी मिलों को 15 अक्टूबर 2026 तक नया पेराई सत्र शुरू करने के निर्देश दिए। मिलों में मशीनरी के रिपेयर और मेंटेनेंस का काम चल रहा है। समीक्षा में सामने आया कि थानाभवन चीनी मिल में करीब 55.25 प्रतिशत, शामली में 50 प्रतिशत और ऊन चीनी मिल में 54.75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। डीएम ने कहा कि पेराई सत्र शुरू होने में ज्यादा समय नहीं है। ऐसे में मशीनरी की मरम्मत, जांच और जरूरी तकनीकी कार्य समय से पूरे किए जाएं, ताकि पेराई शुरू होने के बाद तकनीकी खराबी के कारण किसानों को परेशानी न हो। तीनों मिलों में 3.20 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक बैठक में चीनी के स्टॉक की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले की तीनों चीनी मिलों के पास कुल करीब 3.20 लाख क्विंटल चीनी का अवशेष स्टॉक उपलब्ध है। डीएम ने शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चीनी की बिक्री के बाद उसे सात दिन से अधिक समय तक मिल के गोदाम या परिसर में रोककर नहीं रखा जाएगा। बिक्री और स्टॉक से जुड़े सभी नियमों का पालन करने को कहा गया। बोले- अफवाहों पर ध्यान न दें, पर्याप्त चीनी उपलब्ध जिलाधिकारी ने जिले के लोगों से चीनी की उपलब्धता को लेकर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले की तीनों चीनी मिलों के पास पर्याप्त मात्रा में चीनी का स्टॉक मौजूद है। प्रशासन लगातार स्टॉक की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों और मिल प्रबंधन को भी चीनी की बिक्री और स्टॉक की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। भुगतान और पेराई की तैयारियों पर रहेगी नजर डीएम ने कहा कि गन्ना किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए भुगतान की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। शामली और ऊन मिलों की ओर से पूरा भुगतान किया जा चुका है, जबकि थानाभवन मिल पर बड़ी धनराशि बकाया है। इसलिए उसके भुगतान की प्रगति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही तीनों मिलों में मशीनरी की मरम्मत और रखरखाव का काम समय से पूरा कराकर 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू कराने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा, शामली चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना सतीश बालियान, ऊन चीनी मिल के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कुलदीप पिलानिया, थानाभवन चीनी मिल के यूनिट हेड जीवी सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Read full article on Bhaskar