politics
श्रावणी पूर्णिमा पर शिवसर तालाब में हुआ उपाकर्म:वैदिक मंत्र गूंजे, सुख-शांति के लिए दी आहुतियां
श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को शिवसर तालाब में श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच देर शाम तक तालाब का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सु आयोजक प्रकाश पुरोहित और आचार्य सुरेश बोहरा ने बताया कि श्रावणी उपाकर्म की परंपरा इस साल भी विधि-विधान से निभाई गई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण कर पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की। तर्पण के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां देकर सुख-शांति की कामना की। इसके उपरांत जनेऊ पूजन की धार्मिक विधि भी संपन्न की गई। श्रावणी उपाकर्म भारतीय धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इसे आत्मशुद्धि, संस्कार और धार्मिक कर्तव्यों के स्मरण का अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से अपनी परंपराओं का निर्वहन करते हैं। दोपहर से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन शाम तक चला। समापन पर शिवसर तालाब परिसर में महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
Read full article on Bhaskar