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संभल में किसानों ने निकाली 5 किमी लंबी ट्रैक्टर रैली:राष्ट्रपति के नाम 16 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने संभल में 5 किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर रैली निकाली। गुरुवार शाम 4 बजे राष्ट्रपति के नाम संबोधित 16 सूत्रीय ज्ञापन संभल के एसडीएम विकास चंद्र को सौंपा गया। जिला महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान तिरंगा लहराते हुए संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र की नई तहसील पहुंचे। राष्ट्रीय स्तर की मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों को रद्द करना शामिल है, जो भारतीय कृषि उद्योग, श्रमिकों और राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। किसानों ने संसद में बिना चर्चा के अपनाए गए सभी मौजूदा व्यापार समझौतों को भी रद्द करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और सुनिश्चित सरकारी खरीद के लिए कानून बनाने की मांग की गई। अन्य राष्ट्रीय मांगों में श्रमिकों के लिए 42,000 रुपये प्रति माह का वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना, मनरेगा को बहाल और मजबूत करना, प्रतिवर्ष 200 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी देना शामिल है। किसानों ने विद्युत निजीकरण विधेयक 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने तथा जबरन भूमि अधिग्रहण व कॉर्पोरेट समर्थक भूमि पूलिंग को रोककर भूमि अधिकारों की रक्षा करने की भी मांग की। स्थानीय स्तर पर किसानों ने व्यापक सार्वजनिक क्षेत्र की फसल और पशुधन बीमा योजना स्थापित करने की मांग की। उन्होंने एफएसआई साइलो संचालन में अडानी और लीफ इंडिया के एकाधिकार को समाप्त करने, संयुक्त एसएमई क्षेत्र, कृषि खाद्य प्रसंस्करण और खाद्य निर्यात में एफडीआई की अनुमति न देने की भी अपील की। उर्वरकों की कमी और कालाबाजारी समाप्त करने, तथा पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग भी प्रमुख थी। अन्य स्थानीय मांगों में हर खेत के लिए सिंचाई सुनिश्चित करना, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को 10,000 रुपये प्रतिमाह और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करना शामिल है। किसानों ने बाढ़ एवं सूखा आपदा राहत सुनिश्चित करने, विकास के लिए केंद्रीय बजट का 6% और जीडीपी का 3% तथा शिक्षा के लिए जीडीपी का 6% आवंटित करने की भी मांग की। सहकारी समितियों और एफपीओ को कॉर्पोरेट कब्जे से बचाकर लोकतंत्रीकरण कर किसानों को सेवाएं प्रदान करने के मुद्दे भी ज्ञापन में शामिल थे। रैली में डॉ. शुभम चौधरी, चौधरी महीदेव सिंह, सत्यवीर सिंह, प्रदीप चौधरी, योगेश कुमार, श्रीराम सिंह, नवाब सिंह, ओमवीर सिंह, कमल कुमार, सोनू, बबलू, पप्पू सिंह, सोमपाल सिंह, राहुल और विकेश सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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