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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामला:भाई ने 21 पुलिसकर्मियों के बरी करने के खिलाफ दायर की याचिका
देश के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख, पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की हत्याओं के मुठभेड़ मामले में 21 आरोपी पुलिसकर्मियों के बरी होने के बाद मृतक के भाई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक सोहराब उद्दीन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सोहराबुद्दीन शेख के भाई उज्जैन निवासी भाई रुबाबउद्दीन ने दैनिक भास्कर को बताया कि ने 21 पुलिसकर्मियों की बरी होने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में 23 अगस्त को याचिका दायर की है। हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती रुबाबउद्दीन ने बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें 2005 में सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में शामिल गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश के 21 पुलिसकर्मी के बरी होने की बात को बरकरार रखा है। रुबाबउद्दीन शेख ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत न्यायालय ने 7 मई 2026 को सभी आरोपियों की बरी होने के खिलाफ दायर अपीलों को खारिज कर दिया था। मामला सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित हत्याओं से संबंधित था। 22-23 नवंबर 2005 का है मामला अभियोजन पक्ष के अनुसार, शेख और अन्य लोगों को 22-23 नवंबर, 2005 की रात को हैदराबाद से महाराष्ट्र जा रही बस में यात्रा करते समय पुलिस दल ने हिरासत में ले लिया था। शेख की कथित मुठभेड़ में 26 नवंबर को अहमदाबाद के पास हत्या कर दी गई, जबकि कौसर बी की कथित तौर पर तीन दिन बाद हत्या कर दी गई। मुठभेड़ों के प्रमुख चश्मदीद गवाह माने जाने वाले प्रजापति की 27 दिसंबर, 2006 को गुजरात-राजस्थान सीमा पर एक अलग कथित मुठभेड़ में हत्या कर दी गई।
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