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टीकमगढ़ में परियोजना अधिकारी महेश दोहरे निलंबित:सीएम हेल्पलाइन कटवाने, गलत नियुक्ति के आरोप; कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के बाद एक्शन
टीकमगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को मनमानी नियुक्ति और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें बंद कराने का दबाव बनाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के जांच प्रतिवेदन के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने यह आदेश जारी किया। गोपनीय तरीके से अवैध नियुक्ति का आरोप निलंबन आदेश के अनुसार, महेश दोहरे ने 12 फरवरी 2026 को वंशीता दीक्षित की अस्थायी नियुक्ति की थी। इस प्रक्रिया में सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई, जिससे अन्य योग्य आवेदकों को अवसर नहीं मिला। आरोप है कि नियमों के विपरीत जाकर निजी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह अवैधानिक नियुक्ति की गई। निरीक्षण और नोटिस की अनदेखी संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा 24 जून को जारी कारण बताओ नोटिस का दोहरे ने कोई जवाब नहीं दिया था। इसके अलावा, अप्रैल से मई 2026 के दौरान उन्हें निर्धारित 48 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन उन्होंने केवल 17 केंद्रों का ही दौरा किया, जो लक्ष्य का मात्र 35 प्रतिशत है। शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने का वीडियो वायरल खुडो निवासी अशोक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंद्रकली अहिरवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 13 अगस्त 2026 को दोहरे ने शिकायतकर्ता पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वे कहते सुने गए कि पूरा गांव भी लग जाए, तब भी कार्यकर्ता नहीं हटेगी। सागर संभाग रहेगा मुख्यालय मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत दोहरे को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा।
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