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Tata Sons: चंद्रशेखरन 5 साल और रहेंगे टाटा संस के चेयरमैन, Tata Trusts ने बताया ‘अवैध, जानें आखिर ऐसा क्या हुआ
Tata Sons: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 17 सितंबर को एक्सटेंशन मिल गया है. अब वे 20 फरवरी, 2027 को कार्यकाल खत्म होने के अगले 5 सालों तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे. मुंबई में बांबे हाउस में गुरुवार को टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा संस की एक बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया. सूत्रों के मुताबिक चंद्रशेखरन ने निदेशक मंडल से कहा था कि वे अपना दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद चेयरमैन पद पर आगे बने रहने के इच्छुक नहीं हैं. अब टाटा ट्रस्ट के प्रमुख नोएल एन टाटा ने एक बयान में कहा है कि चेयरमैन पद छोड़ने का फैसला चंद्रशेखरन का अपना फैसला था. नोएल टाटा ने कही ये बड़ी बात मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोएल टाटा ने कहा कि शेयरहोल्डर्स ने चेयरमैन के फैसले को स्वीकार कर लिया है और अब इसे आगे बढ़ाने का समय आ गया है. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट की 66 फीसदी हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा कि टाटा संस के चेयरमैन पद पर एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति गैरकानूनी है. उन्होने चंद्रशेखरन की रीज्वॉइनिंग के बोर्ड के फैसले पर सवाल उठाए हैं. बैठक में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव 4-1 के वोट से पारित हो गया. लेकिन, अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया है. जानकारी के मुताबिक नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया. उन्होंने यह कहा भी कि “मैंने चंद्रा की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया. टाटा ट्रस्ट ने फैसले को बताया अवैध मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ट्रस्ट ने इस चंद्रशेखरन का यह फैसला उनकी अपनी इच्छा से लिया गया था. इसके अगले दिन Tata Trusts ने इस फैसले को औपचारिक तौर पर स्वीकार कर लिया और Tata Sons से नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए सलेक्शन कमिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा. ट्रस्ट का कहना अब यह है कि जब उनकी एक बार चंद्रशेखरन का दोबारा नियुक्ति के लिए उपलब्ध नहीं होने का फैसला सार्वजनिक हो गया इसके साथ ही ट्रस्ट ने उसे स्वीकार कर लिया तो अब दोबारा उनकी नियक्ति नहीं हो सकती है.
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