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TGT-PGT भर्ती आंदाेलन में शामिल छात्रनेता पर FIR:प्रयागराज में वादी बोला- कलेक्ट्रेट में छात्रों से संवाद के दौरान मारपीट की
प्रयागराज में चल रहे टीजीटी-पीजीटी भर्ती आंदोलन में शामिल छात्र नेता आशुतोष पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर कलेक्ट्रेट परिसर में छात्रों के साथ संवाद के दौरान मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाया गया है। वादी पंकज कुमार पांडेय का आरोप है कि 11 सितंबर को संगम सभागार के सामने छात्रों के बीच वार्ता के दौरान आशुतोष ने अभद्रता करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीएम परिसर में छात्रों के बीच चल रही थी वार्ता पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक पंकज कुमार पांडेय 11 सितंबर को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच जिलाधिकारी परिसर स्थित संगम सभागार के सामने छात्रों के बीच वार्ता के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान छात्र नेता आशुतोष पांडेय उनके पास पहुंचे। आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्होंने पंकज के साथ अभद्रता और मारपीट शुरू कर दी। जानलेवा हमला और धमकी देने का आरोप तहरीर में पंकज ने आरोप लगाया है कि आशुतोष पांडेय ने उनके साथ जानलेवा हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि आरोपी की ओर से पहले भी कई बार धमकी और हमला किया जा चुका है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें अपनी और परिवार के साथियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है। घटना के समय मौजूद थे कई छात्र पंकज ने पुलिस को बताया कि घटना के समय जिलाधिकारी परिसर में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। उनके मुताबिक आसपास मौजूद छात्र इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं और पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण गवाह हो सकते हैं। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू पंकज कुमार पांडेय की तहरीर पर कर्नलगंज पुलिस ने आशुतोष पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में आरोपी को लेकर पूर्व में भी धमकी और हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है। थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि घटना के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन को कमजोर करने की साजिश: आशुतोष उधर इस मामले में आशुतोष पांडेय का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर में उनके साथ खुद मारपीट की गई। इस दौरान वहां सैकड़ों छात्र मौजूद थे जिन्होंने अपनी आंखों से यह सब देखा है। यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई छात्र आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है। उन्हें फंसाकर कुछ लोग छात्रों कि आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह इसमें सफल नहीं होंगे। वह लगातार छात्र हित में आंदोलनरत हैं।
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