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दंडनीय अपराध है स्कूली बच्चों के साथ अमानवीयता भरा व्यवहार
मनोज कुमार अग्रवाल भारत में शिक्षा का अधिकार कानून की धारा 17 स्कूलों में बच्चों को किसी भी तरह के शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न से पूरी तरह सुरक्षित रखती है।स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों की पिटाई और शारीरिक दंड एक गंभीर और गैर-कानूनी समस्या है, जिसपर विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी वैश्विक संस्थाएं भी चिंता जता चुकी हैं। हाल ही में ऐसी की घटनाएं सामने आई है जिनमें शिक्षकों की अमानवीयता और निर्दयता भरी पिटाई के कारण मासूम बच्चों की मौत हो गई अथवा वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हाल ही में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के लिटिल ...
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