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दिल्ली महारैली में यूपी से एक लाख लोग होंगे शामिल:आराधना मिश्रा बोलीं- मौजूदा सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी रैली
कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली में उत्तर प्रदेश से करीब एक लाख कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने शुक्रवार को यह दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच चुके हैं। अब तक करीब 10 हजार लोग दिल्ली स्थित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के कैंप कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक इस महारैली में शामिल होंगे। यह सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के संकल्प का प्रदर्शन है। उन्होंने बताया कि रैली में यूपी की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला, शहर और ब्लॉक स्तर तक रणनीति बनाई थी। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कई दिनों से लोगों को दिल्ली पहुंचाने में जुटे हैं। पश्चिमी यूपी से भी बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार देर रात तक लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान और लोकतंत्र सुरक्षित रहेगा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार नागरिकों के सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार यानी मतदान के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस हर नागरिक के वोट की ताकत और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी। रामलीला मैदान से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बुलंद आवाज उठेगी। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के भी शामिल होने का दावा आराधना मिश्रा ने कहा कि महारैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा सामाजिक संगठनों, सिविल सोसाइटी, प्रबुद्ध वर्ग और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों की भी भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस पूरी ताकत से इस अभियान में जुटी है। हमारा संकल्प स्पष्ट है कि लोकतंत्र और संविधान सुरक्षित रहना चाहिए और जनता के वोट का अधिकार बचना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली मौजूदा सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
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