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'धर्मशाला की तरह है दुनिया': शिवराज सिंह ने कॉरपोरेट जगत को दिखाई नई राह, जल-जंगल-जमीन पर सबका साझा हक
Shivraj Singh Chouhan News: शिवराज सिंह चौहान ने उद्योगपतियों को महाभारत के यक्ष प्रश्न और गांधीवादी 'ट्रस्टीशिप' के जरिए जीवन की असल हकीकत से रूबरू कराया. उन्होंने कहा कि यह दुनिया एक धर्मशाला की मानिंद है, जहां से कुछ भी साथ नहीं जाना है, इसलिए संपन्न तबका जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर सिर्फ अपना हक न समझे बल्कि वंचितों के उत्थान के लिए संपत्ति का संरक्षक बने.
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