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तीसरे दिन भी दुर्घनाग्रस्त-विमान की जांच, बारिश बनी मुसीबत:विमान के इंजन-पार्ट्स को सीज किया, कल कर्नाटक में अभिषेक का अंतिम संस्कार होगा
कानपुर में क्रैश हुए विमान की हादसे के बाद तीसरे दिन भी जांच जारी है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते जांच टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जांच कर रही टीमों ने विमान में लगे दोनों इंजनों को सीज करके सुरक्षित रख लिया है। इसके साथ ही विमान के मलबे को भी टीम समेट रही है। दूसरी तरफ ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी के शव का शनिवार दोपहर पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अभिषेक के शव का अंतिम संस्कार कर्नाटक के उनके पैतृक गांव में होगा। परिवार के लोग शव को विमान के जरिए कर्नाटक और फिर वहां से अपने गांव जाएंगे। 4 तस्वीर देखिए... रो-रो कर बेहाल हुई मां और नानी, शव देखते ही फफक पड़ीं महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल एटलस मैराथन नक्सजोन सोसयटी में रहने वाले प्रभाकर राजू पुजारी के बेटे अभिषेक पुजारी तीन सालों से कानपुर में रहकर गर्ग एविएशन लिमिटेड कैंट से पायलट की ट्रेनिंग ले रहे थे। बीते 27 अगस्त को गंगा किनारे कटरी के नत्थापुरवा गांव में प्लेन क्रैश होकर गिरा और ट्रेनिंग दे रहे गुजरात के सचिन भाटिया और अभिषेक की मौत हो गई थी। सचिन भाटिया के परिवार वालों ने शुक्रवार को ही कानपुर के भैरव घाट में अंतिम संस्कार कर दिया था, जबकि अभिषेक के पिता ने अपने पैतृक गांव कर्नाटक के उडुपी में अंतिम संस्कार की इच्छा जताई है। इसके चलते शुक्रवार की बजाए शनिवार को पोस्टमॉर्टम करने के बाद दोपहर 3 बजे शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शव देखते ही परिवार के लोग फफक पड़े शव देखते ही एक बार फिर से मां शशिकला, पिता प्रभाकर राजू पुजारी, छोटा भाई अभिनव, ताई चंद्रावती, नानी शंकरी और दोस्त प्रियंका फफक पड़ीं। सभी एक दूसरे को लिपटकर रोने लगे। नानी और मां तो रोते-रोते जमीन पर बैठ गईं, बोलीं कि उन्हें लग रहा है कि अब अपने सबसे दुलारे बेटे के बगैर जिंदगी कैसे जिएंगी। प्रियंका और दोस्तों के भी आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। शव को परिजन मेडिकल कॉलेज ले गए, वहां पर शव पर एक लेप लगाया गया, जिससे कि 24 घंटे तक शव से किसी तरह की दुर्गंध नहीं आएगी और सड़न नहीं होगी। इसके बाद शव को एयरपोर्ट लेकर निकल गए। विमान के इंजन और मलबा ले गई जांच टीम, इटली में होगी जांच डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) लखनऊ व दिल्ली की टीमों के साथ एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) लगातार तीसरे दिन भी विमान की जांच में जुटी हुई है। लगातार तीसरे दिन भी जांच कर रही तीनों टीमें 9 बजे सुबह पहुंची। इसके बाद क्षतिग्रस्त विमान की जांच शुरू कर दी। विमान के दोनों इंजन का बॉक्स में सुरक्षित रखकर सीज कर दिया है। इसके साथ ही इंजन के कई पार्ट्स को सुरक्षित कटर से काटकर निकाला है। तीनों टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि यह हादसा विमान में तकनीकि खामी से हुआ है या फिर मानवीय चूक है। तीसरे दिन जांच टीमों ने हादसे वाली जगह से पांच सौ मीटर के दायरे में लोगों को आने-जाने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। एक्सपर्ट की मानें तो जांच के लिए इंजन को इटली भेजा जाएगा। क्यों कि इटली की कंपनी ही टेकनम पी-2006 विमान बनाती है। इस विमान को इटली से ही खरीदा गया है। जांच में ये तथ्य आए सामने गर्ग एविएशन लिमिटेड का लाइसेंस हो सकता है रद्द गर्ग एविएशन पायलट ट्रेनिंग एकेडमी में यह कोई पहला हादसा नहीं है, इससे पहले भी एक साल से ट्रेनिंग ले रही रिया बत्रा 27 जून की रात एक प्रशिक्षक के साथ दो इंजन वाले विमान को लैंड करने के बाद इंजन को बंद करने की प्रक्रिया के दौरान ही उतरने लगी थीं। इस वजह से प्रोपेलर (पंखे) की चपेट में आने से रिया की पीठ जख्मी हो गई थी। डीजीसीए की टीम इस मामले की अभी भी जांच कर रही है। अब इसी विमान के क्रैश होने पर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत से एकेडमी के जिम्मेदार जांच के दायरे में आ गए हैं। हादसे के बाद से गर्ग एविएशन के लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा रहा है। दूसरी तरफ हादसे के बाद से यहां से ट्रेनिंग ले रहे युवक-युवतियों में दहशत का माहौल है। बीते तीन दिनों से ट्रेनिंग सेंटर से कोई भी विमान ने उड़ान नहीं भरी है। अपने साथी की मौत से ट्रेनिंग सेंटर में मातम छाया हुआ है।
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