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टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का 13वें दिन भी आमरण अनशन जारी:कैंडल मार्च निकालकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
प्रयागराज में टीजीटी और पीजीटी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर दिख रहा है। अपनी मांगों को लेकर ये छात्र पिछले 13 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज देर शाम इन छात्रों ने सरकार और आयोग की अनदेखी के खिलाफ शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। लगातार 13 दिन से अनशन पर बैठे छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार और आयोग उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहे हैं। इसी को देखते हुए आज अभ्यर्थियों का एक दल शिक्षा निदेशालय पहुंचा था। आंदोलन में शामिल छात्र नेता आशुतोष पांडेय ने बताया कि निदेशालय में उनकी मुलाकात कामता राम जी से हुई। यहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। निदेशालय से बातचीत के बाद सभी अभ्यर्थी वापस अपने धरना स्थल पर इकट्ठा हुए। देर शाम उन्होंने अपने अधिकारों की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। इस पूरे आंदोलन और आज के कैंडल मार्च का मुख्य मुद्दा 'पुरानी नियमावली' है। आशुतोष पांडेय ने साफ किया कि छात्रों की सबसे अहम मांग है कि पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न को ही लागू रखा जाए। वे चाहते हैं कि इसी पुरानी नियमावली के तहत छात्रों को परीक्षा देने के लिए कम से कम दो और मौके दिए जाएं। अभ्यर्थियों का मानना है कि नियमों में बदलाव से उन हजारों युवाओं का भविष्य मुश्किल में आ गया है, जो लंबे समय से पुराने पैटर्न पर तैयारी कर रहे थे। कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शिक्षा आयोग को सख्त चेतावनी दी है। छात्रों का कहना है कि उनका आमरण अनशन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लेती। आशुतोष पांडेय ने कहा, "अगर हमें पुरानी नियमावली के तहत दो मौके नहीं दिए गए, तो हम अपना यह आंदोलन और धरना जारी रखेंगे।"
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