politics
उज्जैन में महाकाल सवारी मार्ग की बैठक में हंगामा:विधायक ने शपथ लेने को कहा, विरोध के बाद बैठक छोड़कर निकले
उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकलने वाले मार्गों को व्यवस्थित और सुंदर बनाने के लिए रविवार को एक निजी होटल में नगर निगम ने बैठक बुलाई। बैठक में पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सती गेट, छत्री चौक, गुदरी और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी व रहवासी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सवारी मार्ग पर एकरूपता के साथ सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण को लेकर सुझाव लेना था। इसमें दुकानों-मकानों पर एक जैसा रंग, समान डिजाइन के साइनबोर्ड और एक जैसी लाइटिंग व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा गया था। बैठक में महापौर, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विकास प्राधिकरण/सिंहस्थ से जुड़े पदाधिकारी, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। व्यापारियों के अनुसार शुरुआत में सौंदर्यीकरण को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन बाद में सवारी मार्ग के चौड़ीकरण का मुद्दा सामने आने से विवाद शुरू हो गया। व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें अपनी बात और समस्याएं रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनकी बात सुनने से पहले ही मंच से लंबे संबोधन होते रहे। इसी दौरान विधायक कालूहेड़ा ने चौड़ीकरण में सहयोग की बात कही और लोगों से इसके समर्थन में शपथ लेने का आग्रह किया। इस पर वहां मौजूद व्यापारियों और रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चौड़ीकरण से किसका मकान-दुकान प्रभावित होगा और कितना नुकसान होगा, यह पहले स्पष्ट किया जाए और उनकी बात सुनी जाए। विरोध के बाद बैठक में बहस और हंगामे की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष रवि राय के मुताबिक करीब 250-300 लोग मौजूद थे और व्यापारी अपनी बात आयुक्त व जनप्रतिनिधियों के सामने रखना चाहते थे। उनका आरोप है कि विधायक और नगर निगम कमिश्नर के वहां से चले जाने के बाद लोगों में और असंतोष फैल गया। विधायक बोले- बैठक चौड़ीकरण के लिए नहीं थी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि बैठक मूल रूप से सौंदर्यीकरण के लिए थी, चौड़ीकरण के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चौड़ीकरण का विरोध कर रहे थे। उनके अनुसार शहर के जिन मार्गों के चौड़ीकरण के निर्णय तय मापदंडों और आम सहमति से लिए गए हैं, वहां चौड़ीकरण होगा। उन्होंने कहा कि छोटी-मोटी बाधाओं को मिल-बैठकर हल किया जाएगा। हंगामे पर विधायक ने कहा कि अलग-अलग विचार होने के कारण ऐसी बैठकों में बहस होना स्वाभाविक है और वे कमिश्नर के साथ वहां से निकल गए। कांग्रेस ने चौड़ीकरण का विरोध किया नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रवि राय और कांग्रेस पार्षद माया त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि शहर की प्राचीन और धार्मिक पहचान को देखते हुए हर मार्ग का चौड़ीकरण जरूरी नहीं है। रवि राय ने कहा कि वर्षों पुराने मंदिर और धार्मिक स्थलों वाले क्षेत्रों में चौड़ीकरण से धार्मिक और पौराणिक महत्व प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और प्रभावित लोगों की बात सुने बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। बैठक के बाद सौंदर्यीकरण की मूल चर्चा पीछे छूट गई और चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों की नाराजगी मुख्य मुद्दा बन गई। सवारी मार्ग के व्यापारियों-रहवासियों का अपमान निंदनीय पार्षद वार्ड 22 माया राजेश त्रिवेदी ने कहा कि सवारी मार्ग के व्यापारियों और रहवासियों को बैठक में बुलाकर जिस तरह अपमानित किया गया, वह निंदनीय है। ज नता ने प्रतिनिधियों को वोट दिया है, अब जमीन और मकान भी दे रही है। जिनके मकान टूटेंगे, उन्हें दोबारा ठीक कराने का खर्च भी जनता ही उठाएगी। ऐसे में हिटलरशाही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि क्या नगर सरकार ने लोगों को अपमानित करने के लिए बैठक में बुलाया था। विधायक द्वारा एक-एक मकान तुड़वाने की बात कहना भी गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों का ऐसा व्यवहार बेहद दुखद और आहत करने वाला है।
Read full article on Bhaskar