top
वाटर पार्क निर्माण के विरोध में किसानों का धरना:मोतिहारी में पुश्तैनी जमीन अधिग्रहण रोकने और मुकदमे वापस लेने की मांग
मोतिहारी में एक ओर किसानों के हित में किसान मेले की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शामिल होने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर पिपराकोठी क्षेत्र के किसान अपनी पुश्तैनी जमीन के अधिग्रहण के विरोध में आंदोलनरत हैं। गुरुवार को इन किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शहर के कचहरी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान शामिल हुए। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा वाटर पार्क निर्माण के लिए उनकी पुश्तैनी जमीन की जमाबंदी रद्द कर दी गई है। धरना से जुड़ी तस्वीरें देखिए.... निर्माण जारी रखने को अपने अधिकारों का उल्लंघन बताया उनका कहना है कि प्रशासन जबरन उस जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने इस कार्रवाई का पहले भी विरोध किया था, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान कई किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कुछ को जेल भी भेजा गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और सत्ताधारी दल के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक संबंधित जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाना चाहिए। किसानों ने न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद निर्माण जारी रखने को अपने अधिकारों का उल्लंघन बताया। मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन धरना दे रहे किसानों ने मांग की कि जेल में बंद किसानों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा हो। उन्होंने न्यायालय में मामला लंबित रहने तक वाटर पार्क निर्माण कार्य पर रोक लगाने की भी मांग की। किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की भी अपील की। हालांकि, किसानों के इन आरोपों पर जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है। किसानों प्रशासन की प्रतिक्रिया और न्यायालय में लंबित मामले की आगामी सुनवाई के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Read full article on Bhaskar